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जीने लायक भी वेतन नहीं मिलने पर किया प्रदर्शन
Updated Tue, 28 Nov 2017 01:18 AM IST
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कठुआ।
सरकार द्वारा वाटर वर्कर्स को नियमित न करने और वेतन विसंगतियों को दूर करने के विरोध में सोमवार को जेएंडके वाटर मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन द्वारा प्रदर्शन किया गया। शहीद भगत सिंह पार्क में एकत्रित हुए यूनियन के सदस्यों ने सरकार पर उनके साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केंद्र सरकार द्वारा भेजे जा रहे पैसे भी पूरी तरह से उन्हें नहीं दिए जा रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे यूनियन के राज्य प्रधान मोहम्मद यूसुफ भट्ट ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मिड-डे मील बनाने का काम कर रहे कुक को एक हजार रुपये प्रति महीने के हिसाब से दस महीनों में दस हजार देने का नियम है, लेकिन राज्य सरकार जम्मू संभाग में कुक को पैसा नहीं दे रही है। इसके साथ ही पानी पिलाने के लिए काम रही वाटर वर्कर्स को भी समय पर और न्यूनतम वेतन भी नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार केंद्र से मिलने वाले पैसे को भी अपनी ही जेब में डाल रही है। उन्होंने कहा कि उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है और वह इसे सहन नहीं करेंगे। प्रदर्शनकारियों में शामिल कुंती देवी ने बताया कि तेरह साल से काम कर रहे हैं और सफाई करने के लिए उन्हें महीने के तीस रुपये ही मिलते हैं। इसके साथ ही रोटी बनाने का एक हजार मिलता है, लेकिन नियमित रूप से नहीं। उन्होंने बताया कि आठ महीनों के बाद उन्हें मात्र तीन हजार रुपये मिले हैं। महंगाई पर तो सरकार रोक नहीं लगा पा रही उल्टा जो पैसा केंद्र सरकार द्वारा उनके लिए आया है वह भी नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि सरकार का अगर यही रवैया रहा तो वह उग्र रुख अपनाने के लिए मजबूर होंगे।
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सरकार द्वारा वाटर वर्कर्स को नियमित न करने और वेतन विसंगतियों को दूर करने के विरोध में सोमवार को जेएंडके वाटर मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन द्वारा प्रदर्शन किया गया। शहीद भगत सिंह पार्क में एकत्रित हुए यूनियन के सदस्यों ने सरकार पर उनके साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केंद्र सरकार द्वारा भेजे जा रहे पैसे भी पूरी तरह से उन्हें नहीं दिए जा रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे यूनियन के राज्य प्रधान मोहम्मद यूसुफ भट्ट ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मिड-डे मील बनाने का काम कर रहे कुक को एक हजार रुपये प्रति महीने के हिसाब से दस महीनों में दस हजार देने का नियम है, लेकिन राज्य सरकार जम्मू संभाग में कुक को पैसा नहीं दे रही है। इसके साथ ही पानी पिलाने के लिए काम रही वाटर वर्कर्स को भी समय पर और न्यूनतम वेतन भी नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार केंद्र से मिलने वाले पैसे को भी अपनी ही जेब में डाल रही है। उन्होंने कहा कि उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है और वह इसे सहन नहीं करेंगे। प्रदर्शनकारियों में शामिल कुंती देवी ने बताया कि तेरह साल से काम कर रहे हैं और सफाई करने के लिए उन्हें महीने के तीस रुपये ही मिलते हैं। इसके साथ ही रोटी बनाने का एक हजार मिलता है, लेकिन नियमित रूप से नहीं। उन्होंने बताया कि आठ महीनों के बाद उन्हें मात्र तीन हजार रुपये मिले हैं। महंगाई पर तो सरकार रोक नहीं लगा पा रही उल्टा जो पैसा केंद्र सरकार द्वारा उनके लिए आया है वह भी नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि सरकार का अगर यही रवैया रहा तो वह उग्र रुख अपनाने के लिए मजबूर होंगे।
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