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मवेशी बीमार होने पर अटक जाती हैं सांसें
Updated Wed, 22 Nov 2017 12:46 AM IST
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महानपुर। गांव थीन में अगर कोई मवेशी बीमार हो जाता है तो पशु पालकों की सांसें अटक जाती हैं। यहां नजदीक में कोई पशु चिकित्सालय नहीं है। इसके चलते पशु पालकों को परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। इलाज के लिए बीमार मवेशियों को कठुआ या फिर महानपुर ले जाना पड़ता है और उन्हें पैसे भी अधिक खर्च करने पड़ते हैं।
राकेश कुमार, माया प्रकाश गुप्ता, प्रदीप कुमार ने बताया कि थीन पंचायत में हर घर में मवेशी हैं। इलाके में गुज्जर बक्करवाल भी काफी संख्या में हैं। उन्होंने बताया कि अगर कोई पशु बीमार हो जाता है तो उसे निजी गाड़ी कर महानपुर या कठुआ जांच के लिए ले जाना पड़ता है। इसमें काफी खर्चा होता है।
उन्होंने बताया कि पशु चिकित्सालय की सुविधा न होने से कई बार बीमार मवेशी घर पर ही मर जाते हैं। इससे भारी नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि कई बार प्रशासन के समक्ष मांग को रख चुके हैं लेकिन कोई भी अभी तक ठोस प्रयास नहीं किया गया।
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राकेश कुमार, माया प्रकाश गुप्ता, प्रदीप कुमार ने बताया कि थीन पंचायत में हर घर में मवेशी हैं। इलाके में गुज्जर बक्करवाल भी काफी संख्या में हैं। उन्होंने बताया कि अगर कोई पशु बीमार हो जाता है तो उसे निजी गाड़ी कर महानपुर या कठुआ जांच के लिए ले जाना पड़ता है। इसमें काफी खर्चा होता है।
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उन्होंने बताया कि पशु चिकित्सालय की सुविधा न होने से कई बार बीमार मवेशी घर पर ही मर जाते हैं। इससे भारी नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि कई बार प्रशासन के समक्ष मांग को रख चुके हैं लेकिन कोई भी अभी तक ठोस प्रयास नहीं किया गया।
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