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गभवती को पीटा, नवजात की मौत
Updated Tue, 14 Nov 2017 01:14 AM IST
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उधमपुर। मजालता तहसील के रांग गांव में जमीनी विवाद में घायल हुई गर्भवती के बच्चे की सोमवार को जिला अस्पताल में मौत हो गई। महिला के पति ने बताया कि आठ दिन पहले उसकी पत्नी को मारपीट करके घायल किया था और अभी तक पुलिस किसी भी आरोपी को गिरफ्तार करके कार्रवाई नहीं है।
मोहम्मद खमीद ने बताया कि पांच नवंबर को जमीन के विवाद को लेकर गांव के ही एक परिवार के साथ कहासुनी हो गई। इस दौरान दूसरे पक्ष ने उसके परिवार पर हमला कर दिया। उसकी गर्भवती पत्नी रजिया बीबी को बुरी तरह से पीटा गया। आरोप लगाया कि पड़ोसी परिवार की महिला ने कई लातें उसकी पत्नी के पेट पर मारी। मारपीट में पत्नी बुरी तरह घायल हो गई और उसी दिन उपचार के लिए मजालता पीएचसी में भर्ती करवाया। जहां कुछ दिन के बाद उपचार के बाद पत्नी को घर भेज दिया। उसने इसकी शिकायत पुलिस स्टेशन में पांच नवंबर को ही कर दी। रविवार को अचानक उसकी पत्नी की हालत बिगड़ गई और उसने वाहन की व्यवस्था करके तुरंत महिला को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान सोमवार सुबह उसकी पत्नी के गर्भ में पल रहे बच्चे ने दम तोड़ दिया। गर्भ में बच्चे की मौत पत्नी के साथ मारपीट के कारण हुई है। न तो पुलिस ने पहले कोई कार्रवाई की थी और न ही बच्चे की मौत के बाद किसी प्रकार की आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इससे बात साफ हो जाती है कि पुलिस आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है।
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मोहम्मद खमीद ने बताया कि पांच नवंबर को जमीन के विवाद को लेकर गांव के ही एक परिवार के साथ कहासुनी हो गई। इस दौरान दूसरे पक्ष ने उसके परिवार पर हमला कर दिया। उसकी गर्भवती पत्नी रजिया बीबी को बुरी तरह से पीटा गया। आरोप लगाया कि पड़ोसी परिवार की महिला ने कई लातें उसकी पत्नी के पेट पर मारी। मारपीट में पत्नी बुरी तरह घायल हो गई और उसी दिन उपचार के लिए मजालता पीएचसी में भर्ती करवाया। जहां कुछ दिन के बाद उपचार के बाद पत्नी को घर भेज दिया। उसने इसकी शिकायत पुलिस स्टेशन में पांच नवंबर को ही कर दी। रविवार को अचानक उसकी पत्नी की हालत बिगड़ गई और उसने वाहन की व्यवस्था करके तुरंत महिला को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान सोमवार सुबह उसकी पत्नी के गर्भ में पल रहे बच्चे ने दम तोड़ दिया। गर्भ में बच्चे की मौत पत्नी के साथ मारपीट के कारण हुई है। न तो पुलिस ने पहले कोई कार्रवाई की थी और न ही बच्चे की मौत के बाद किसी प्रकार की आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इससे बात साफ हो जाती है कि पुलिस आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है।
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