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पाक गोलाबरी से पैदल चलने पर मजबूर लोग
Updated Mon, 04 Dec 2017 12:10 AM IST
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पुंछ। पाक सेना द्वारा दोपहर के समय जिले के खड़ी करमाडा क्षेत्र में जहां दहशत फैल गई। वहीं, छुट्टी का दिन होने की वजह से सुबह तड़के से अपने खेतों लोगों को पैदल चलने पर मजबूर होना पड़ा। वान चलना बंद हो गए और लोग घरों में दुबके रहे।
पुंछ नगर और आसपास के क्षेत्रों में बसने वाले लोगों को उस समय काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जब गोलाबारी शुरू होने के तुरंत बाद गांव से नगर की तरफ आने वाले अधिकतर यात्री वाहन टाटा मैजिक और विक्रम आटो चालक अपने वाहनों सहित वहां से भाग खड़े हुए। गांव में गए हुए अन्य क्षेत्रों के लोग महिलाओं और बच्चों को कई किलो मीटर पैदल चल कर अपने घरों को लौटे। रविवार होने के कारण सुबह तड़के ही अपने बच्चों के साथ करमाड़ा स्थित अपने खेतों में साग सब्जी लेने गई जेनब बी, हाजरा बेगम आदि का कहना था कि सुबह हम आटो से यहां आए थे कि दिन भर खेतों में काम काज करने के बाद शाम को साग सब्जी लेकर घर लौटेंगी। अचानक गोलाबारी शुरू हो जाने से साढ़े ग्यारह बजे ही घर लौटना पड़ा। आटो स्टैंड पर पहुंची तो गोलाबारी के डर से सभी आटो वहां से जा चुके थे। बच्चों के साथ डर के मारे भागते हुए ही करमाड़ा से पैदल लौटना पड़ा।
पुंछ नगर और आसपास के क्षेत्रों में बसने वाले लोगों को उस समय काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जब गोलाबारी शुरू होने के तुरंत बाद गांव से नगर की तरफ आने वाले अधिकतर यात्री वाहन टाटा मैजिक और विक्रम आटो चालक अपने वाहनों सहित वहां से भाग खड़े हुए। गांव में गए हुए अन्य क्षेत्रों के लोग महिलाओं और बच्चों को कई किलो मीटर पैदल चल कर अपने घरों को लौटे। रविवार होने के कारण सुबह तड़के ही अपने बच्चों के साथ करमाड़ा स्थित अपने खेतों में साग सब्जी लेने गई जेनब बी, हाजरा बेगम आदि का कहना था कि सुबह हम आटो से यहां आए थे कि दिन भर खेतों में काम काज करने के बाद शाम को साग सब्जी लेकर घर लौटेंगी। अचानक गोलाबारी शुरू हो जाने से साढ़े ग्यारह बजे ही घर लौटना पड़ा। आटो स्टैंड पर पहुंची तो गोलाबारी के डर से सभी आटो वहां से जा चुके थे। बच्चों के साथ डर के मारे भागते हुए ही करमाड़ा से पैदल लौटना पड़ा।
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