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क्रशर के लिए क्यों मांगी जा रही है पर्यावरण स्वीकृति
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 26 Jul 2017 08:14 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदूषण नियत्रंण मंडल को नोटिस जारी कर पूछा है कि खानों के साथ चलने वाले क्रशर के लिए अलग से पर्यावरण स्वीकृति क्यों ली जा रही है। न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश राजस्थान स्टोन क्रशर एसोसिएशन की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में अधिवक्ता अश्विनी चौबीसा ने अदालत को बताया कि पर्यावरण नियत्रंण मंडल ने गत 24 जनवरी को पत्र जारी कर कहा कि जिन खानों के साथ क्रशर चल रहे हैं, उनके लिए अलग से संशोधित पर्यावरण स्वीकृति ली जाए। ऐसा नहीं करने पर क्रशर चलाने की अनुमति वापस ले ली जाएगी। याचिका में कहा गया कि क्रशर संचालन के लिए अलग से पर्यावरण स्वीकृति की जरूरत नहीं है। जिन खानों में क्रशर का काम भी होता है, उसके लिए जिला स्तरीय पर्यावरण समिति से अनुमति ली जा चुकी है। ऐसे में क्रशर के लिए अलग से अनुमति लेने का कोई औचित्य नहीं है। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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याचिका में अधिवक्ता अश्विनी चौबीसा ने अदालत को बताया कि पर्यावरण नियत्रंण मंडल ने गत 24 जनवरी को पत्र जारी कर कहा कि जिन खानों के साथ क्रशर चल रहे हैं, उनके लिए अलग से संशोधित पर्यावरण स्वीकृति ली जाए। ऐसा नहीं करने पर क्रशर चलाने की अनुमति वापस ले ली जाएगी। याचिका में कहा गया कि क्रशर संचालन के लिए अलग से पर्यावरण स्वीकृति की जरूरत नहीं है। जिन खानों में क्रशर का काम भी होता है, उसके लिए जिला स्तरीय पर्यावरण समिति से अनुमति ली जा चुकी है। ऐसे में क्रशर के लिए अलग से अनुमति लेने का कोई औचित्य नहीं है। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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