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कुकर्म आरोपी को 26 साल बाद भी तामिल नहीं करवाया वारंट, एसपी तलब
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 11 Sep 2017 06:57 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट की मुख्यपीठ ने राज्य सरकार की एक अपील में 26 साल बाद भी अप्रार्थी को वारंट तामिल नहीं करवाने पर पुलिस अधीक्षक भीलवाड़ा को आज तलब किया। जस्टिस संदीप मेहता की अदालत में भीलवाड़ा पुलिस अधीक्षक प्रदीप मोहन शर्मा व्यक्तिगत रूप से पेश हुए।
पुलिस अधीक्षक ने कोर्ट को अब तक गिरफ्तारी व वारंट तामिल करवाने के लिए किए गए पुलिस के प्रयासों से अवगत करवाया और तथ्यात्मक रिपोर्ट भी पेश की। पुलिस अधीक्षक ने अस्पष्ट तौर पर मिली जानकारी में बताया कि अप्राथी जुगल किशोर का निधन हो गया, जिसकी अभी तक पुष्टि नहीं हुई है। इस पर कोर्ट ने 21 दिसम्बर तक समय देते हुए पुलिस को ठोस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
मामले के अनुसार अप्रार्थी जुगल किशोर पर एक नाबालिग लड़के के साथ कुकर्म करने का आरोप था। जिसको साल 1991 में एडीजे कोर्ट भीलवाड़ा द्वारा बरी कर दिया गया था। एडीजे कोर्ट के आदेश के खिलाफ सरकार की ओर से हाईकोर्ट में अपील पेश की गई थी, लेकिन आज दिन तक ना तो पुलिस वारंट तामिल करवा पाई और ना ही गिरफ्तार कर पाई है। जिसको देखते हुए जस्टिस मेहता ने गंभीरता दिखाते हुए पुलिस अधीक्षक को तलब किया था।
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पुलिस अधीक्षक ने कोर्ट को अब तक गिरफ्तारी व वारंट तामिल करवाने के लिए किए गए पुलिस के प्रयासों से अवगत करवाया और तथ्यात्मक रिपोर्ट भी पेश की। पुलिस अधीक्षक ने अस्पष्ट तौर पर मिली जानकारी में बताया कि अप्राथी जुगल किशोर का निधन हो गया, जिसकी अभी तक पुष्टि नहीं हुई है। इस पर कोर्ट ने 21 दिसम्बर तक समय देते हुए पुलिस को ठोस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
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मामले के अनुसार अप्रार्थी जुगल किशोर पर एक नाबालिग लड़के के साथ कुकर्म करने का आरोप था। जिसको साल 1991 में एडीजे कोर्ट भीलवाड़ा द्वारा बरी कर दिया गया था। एडीजे कोर्ट के आदेश के खिलाफ सरकार की ओर से हाईकोर्ट में अपील पेश की गई थी, लेकिन आज दिन तक ना तो पुलिस वारंट तामिल करवा पाई और ना ही गिरफ्तार कर पाई है। जिसको देखते हुए जस्टिस मेहता ने गंभीरता दिखाते हुए पुलिस अधीक्षक को तलब किया था।
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