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वक्फ बोर्ड चुनाव: कोर्ट के आदेश पर मुख्य सचिव हुए पेश, कहा अधिसूचना कर दी है जारी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 31 May 2017 06:28 PM IST
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मुख्य सचिव ओपी मीना
- फोटो : Internet
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राजस्थान हाईकोर्ट में बुधवार को मुख्य सचिव ओपी मीना पेश हुए। उन्होंने अदालत को बताया कि वक्फ बोर्ड के निर्वाचित सदस्य के खाली पद पर चुनाव के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। मुख्य सचिव ने चुनाव प्रक्रिया पूरी कराने के लिए छह माह का समय मांगा जिसे स्वीकार करते हुए अदालत ने इस संबंध में दायर याचिका को निस्तारित कर दिया।
न्यायाधीश आलोक शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश सेय्यद नजीर हसन व अन्य की ओर से दायर याचिका का निस्तारण करते हुए दिए। याचिका में कहा गया है कि वक्फ बोर्ड का कामकाज वक्फ अधिनियम के अनुसार संचालित किया जाता है। अधिनियम में कहा गया है बोर्ड में निर्वाचित संस्थाओं से आए सदस्यों की संख्या मनोनीत सदस्यों से अधिक रहेगी। इसके अलावा नए सदस्य की नियुक्ति तक पुराने सदस्य को बैठक में बुलाया जाएगा। याचिका में कहा गया कि राज्यसभा सांसद के तौर पर अश्कअली टांक का कुछ माह पहले कार्यकाल पूरा हो गया। जिसके चलते वे बोर्ड सदस्य बने रहने के भी अपात्र हो गए ऐसे में मनोनीत सदस्यों और निर्वाचित सदस्यों की संख्या बराबर हो गई। इसके बावजूद न तो नया सदस्य बनाया गया और न ही बोर्ड की बैठक में अश्क अली को शामिल किया जा रहा है। जिसके चलते बोर्ड की गत दो बैठकों की कार्रवाई अवैध हो गई है।
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न्यायाधीश आलोक शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश सेय्यद नजीर हसन व अन्य की ओर से दायर याचिका का निस्तारण करते हुए दिए। याचिका में कहा गया है कि वक्फ बोर्ड का कामकाज वक्फ अधिनियम के अनुसार संचालित किया जाता है। अधिनियम में कहा गया है बोर्ड में निर्वाचित संस्थाओं से आए सदस्यों की संख्या मनोनीत सदस्यों से अधिक रहेगी। इसके अलावा नए सदस्य की नियुक्ति तक पुराने सदस्य को बैठक में बुलाया जाएगा। याचिका में कहा गया कि राज्यसभा सांसद के तौर पर अश्कअली टांक का कुछ माह पहले कार्यकाल पूरा हो गया। जिसके चलते वे बोर्ड सदस्य बने रहने के भी अपात्र हो गए ऐसे में मनोनीत सदस्यों और निर्वाचित सदस्यों की संख्या बराबर हो गई। इसके बावजूद न तो नया सदस्य बनाया गया और न ही बोर्ड की बैठक में अश्क अली को शामिल किया जा रहा है। जिसके चलते बोर्ड की गत दो बैठकों की कार्रवाई अवैध हो गई है।
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