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राजे का निशाना, गहलोत पड़े अलग—थलग
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 03 May 2017 07:34 PM IST
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अशोक गहलोत
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राजस्थान में सत्ताधारी भाजपा पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को विभिन्न मुद्दों पर घेर रही है। दूसरी तरफ कांग्रेस में नई जिम्मेदारी मिलने के बाद गहलोत अपनी ही पार्टी में अलग—थलग पड़ते नजर आ रहे हैं। उनके समर्थन में कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट समेत किसी भी नेता का बयान सामने नहीं आया है।
बाड़मेर में रिफाइनरी की स्थापना के मुद्दे पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधा और गहलोत के समय किए लिए फैसलों को उलट दिया। इसके बाद भाजपा की कार्यसमिति की बैठक और रोड़ शो गहलोत के गृह जिले जोधपुर में आयोजित करके शक्ति प्रदर्शन किया। मंगलवार को बहुचर्चित जोधपुर विकास प्राधिकरण घोटाले के मामले में तत्कालीन अध्यक्ष और गहलोत के खास माने जाने वाले राजेंद्र सोलंकी और करीब 150 करोड़ रुपए के घोटाले के आरोपी क्रियोंस एडवर्टाइजिंग के अजय चौपड़ा की गिरफ्तारी को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं तूल पकड़ रही हैं। स्वयं गहलोत का बयान है कि सरकार बदले की भावना से कार्रवाई कर रही है।
उधर, भाजपा सरकार और गहलोत के बीच चल रही इस सीधी लड़ाई में कांग्रेस ने अपने को अलग कर रखा है। अभी तक उनके पक्ष में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट या किसी दूसरे दिग्गज नेता ने कोई बयान तक नहीं जारी किया। इन नेताओं की ये अनदेखी कांग्रेस में नंबर वन की लड़ाई को लेकर चल रहे अंदरुनी कलह को उजागर करने के लिए काफी है। गहलोत को राष्ट्रीय महासचिव और गुजरात का प्रभारी बनाए जाने के बाद संगठन में उनका विरोधी खेमा राजस्थान की पॉलिटिक्स में उनकी पकड़ कम होने से खुश है।
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सत्ताधारी पक्ष के संसदीय कार्य मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने भी इस पर तंज कसते हुए कहा है कि गहलोत ने बुधवार को अपने जन्मदिन के बहाने समर्थक जुटाने के प्रयास किए लेकिन, वे सफल नहीं रहे। कांग्रेस अब डूबती नाव है। जोधपुर में पार्टी की कार्यसमिति की बैठक और सीएम राजे का रोड़ शो जोधपुर मुक्त कांग्रेस अभियान का हिस्सा है। उन्होंने दावा किया कि सरकार बदले की भावना से कोई काम नहीं कर रही है।
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बाड़मेर में रिफाइनरी की स्थापना के मुद्दे पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधा और गहलोत के समय किए लिए फैसलों को उलट दिया। इसके बाद भाजपा की कार्यसमिति की बैठक और रोड़ शो गहलोत के गृह जिले जोधपुर में आयोजित करके शक्ति प्रदर्शन किया। मंगलवार को बहुचर्चित जोधपुर विकास प्राधिकरण घोटाले के मामले में तत्कालीन अध्यक्ष और गहलोत के खास माने जाने वाले राजेंद्र सोलंकी और करीब 150 करोड़ रुपए के घोटाले के आरोपी क्रियोंस एडवर्टाइजिंग के अजय चौपड़ा की गिरफ्तारी को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं तूल पकड़ रही हैं। स्वयं गहलोत का बयान है कि सरकार बदले की भावना से कार्रवाई कर रही है।
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उधर, भाजपा सरकार और गहलोत के बीच चल रही इस सीधी लड़ाई में कांग्रेस ने अपने को अलग कर रखा है। अभी तक उनके पक्ष में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट या किसी दूसरे दिग्गज नेता ने कोई बयान तक नहीं जारी किया। इन नेताओं की ये अनदेखी कांग्रेस में नंबर वन की लड़ाई को लेकर चल रहे अंदरुनी कलह को उजागर करने के लिए काफी है। गहलोत को राष्ट्रीय महासचिव और गुजरात का प्रभारी बनाए जाने के बाद संगठन में उनका विरोधी खेमा राजस्थान की पॉलिटिक्स में उनकी पकड़ कम होने से खुश है।
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सत्ताधारी पक्ष के संसदीय कार्य मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने भी इस पर तंज कसते हुए कहा है कि गहलोत ने बुधवार को अपने जन्मदिन के बहाने समर्थक जुटाने के प्रयास किए लेकिन, वे सफल नहीं रहे। कांग्रेस अब डूबती नाव है। जोधपुर में पार्टी की कार्यसमिति की बैठक और सीएम राजे का रोड़ शो जोधपुर मुक्त कांग्रेस अभियान का हिस्सा है। उन्होंने दावा किया कि सरकार बदले की भावना से कोई काम नहीं कर रही है।