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Triple Talaq : उर्दू में भेजे लैटर में लिखा, तलाक...तलाक...तलाक
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sun, 10 Sep 2017 05:50 PM IST
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देशभर में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रिपल तलाक को असंवैधानिक करार दे दिया हो, लेकिन अभी भी ऐसे मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामले में एक जने ने स्पीड पोस्ट से भेजे लैटर के जरिये पत्नी को तीन बार तलाक लिखकर छोड़ दिया है।
घटना राजस्थान के जैसलमेर जिले में मागोतलाई की है। यहां की रहने वाली कलसुम को ईद से पहले यूपी में रहने वाले अपने पति का उर्दू में लिखा लैटर मिला। ये लैटर उनके घर स्पीड पोस्ट के जरिये भेजा गया था। उर्दू में लिखे इस लैटर को पहले तो ये सोचकर नहीं पढ़ा कि शायद ये ईद की बधाई को लेकर लिखा गया होगा, लेकिन ऐसा नहीं था। उर्दू ठीक ढंग से नहीं आने के कारण जब उन्होंने गांव के ही अपने परिचित से इस लैटर को पढ़वाया तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। लैटर में सबसे नीचे उर्दू में ही तीन बार तलाक...तलाक...तलाक लिखा हुआ था।
अब कलसुम और उनके परिजन इस बात को लेकर परेशान हैं कि अचानक ये क्या हो गया। आगे की कार्रवाई करने के लिए रिश्तेदारों से राय-मशविरा किया जा रहा है।
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घटना राजस्थान के जैसलमेर जिले में मागोतलाई की है। यहां की रहने वाली कलसुम को ईद से पहले यूपी में रहने वाले अपने पति का उर्दू में लिखा लैटर मिला। ये लैटर उनके घर स्पीड पोस्ट के जरिये भेजा गया था। उर्दू में लिखे इस लैटर को पहले तो ये सोचकर नहीं पढ़ा कि शायद ये ईद की बधाई को लेकर लिखा गया होगा, लेकिन ऐसा नहीं था। उर्दू ठीक ढंग से नहीं आने के कारण जब उन्होंने गांव के ही अपने परिचित से इस लैटर को पढ़वाया तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। लैटर में सबसे नीचे उर्दू में ही तीन बार तलाक...तलाक...तलाक लिखा हुआ था।
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अब कलसुम और उनके परिजन इस बात को लेकर परेशान हैं कि अचानक ये क्या हो गया। आगे की कार्रवाई करने के लिए रिश्तेदारों से राय-मशविरा किया जा रहा है।
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पत्नी बोली, मुझे नापसंद करता है
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कलसुम का कहना है कि उत्तर प्रदेश में रहने वाला उसका पति उसके साथ आए दिन मारपीट करता है और गरीब होने का ताना मारता है। इसी के चलते अभी कुछ दिनों पहले ही उसने मुझे घर भेज दिया। उधर, मामले में परिजनों का कहना है कि पहले भी उसने उनकी बेटी को छोड़ने के लिए पंचायत बुलाई, लेकिन वो किसी तरह के दबाव में नहीं आए। अब उसका ये लैटर हमें आगे कानूनी कार्यवाही के लिए मजबूर कर रहा है।
गौरतलब है कि तीन तलाक के महत्वपूर्ण मुद्दे पर पिछले महीने ही फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की संवैधानिक पीठ के तीन जजों ने इसे असंवैधानिक बताया है। ऐसे में अब इस तरह का मामला सामने आना बड़ा ही दुर्भाग्यपूर्ण है।
गौरतलब है कि तीन तलाक के महत्वपूर्ण मुद्दे पर पिछले महीने ही फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की संवैधानिक पीठ के तीन जजों ने इसे असंवैधानिक बताया है। ऐसे में अब इस तरह का मामला सामने आना बड़ा ही दुर्भाग्यपूर्ण है।