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घर में नहीं शौचालय तो 'घर की लक्ष्मी' मायके में मनाएगी दिवाली

Mon, 16 Oct 2017 04:33 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Mon, 16 Oct 2017 04:33 PM IST
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Toilets have not been built in this village, women will not celebrate Diwali in Laws house
खेत में महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
एक गांव की महिलाएं नई मिसाल पेश करने जा रही है। मिसाल भी ऐसी कि जिसने भी सुना दंग रह गया। इस गांव की महिलाओं ने ससुराल में शौचालय नहीं होने पर दिवाली मायके में जाकर मनाने का ऐलान किया है।
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मामला कोटा के उम्मेदगंज गांव का है। यहां की महिलाएं ससुराल में शौचालय नहीं होने के चलते दिवाली मायके में मनाने जाएंगी। उनका कहना है कि पहले घर में शौचालय बनवाओ इसके बाद ही वो ससुराल में दिवाली का पर्व मनाएंगी।
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इस मुहिम की शुरुआत गांव की एक बहू मधू ने की। इसके बाद वहां की अन्य महिलाएं भी इस मुहिम से जुड़ गई है। उन्होंने अपने ससुराल वालों को साफ तौर पर अल्टीमेटम दे रखा है। ऐसे में यहां परिवारों पर शौचालय बनवाने को लेकर दबाव बना हुआ है। 
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बेटियों के कारण उठाई आवाज

Toilets have not been built in this village, women will not celebrate Diwali in Laws house
विरोध करने वाली महिसाएं - फोटो : अमर उजाला

शौचालय की यह मांग दरअसल बेटियों की सुरक्षा से जुड़ी हुई है। महिलाओं का कहना है कि अब बेटियां भी बड़ी हो गईं हैं। ऐसे में उन्हें अपनी और बेटियों की निजता की परेशानी के साथ—साथ असुरक्षा भी डराती रहती है। वे इस बारे में कई बार परिवार में अपनी बात रख चुकी हैं, लेकिन उनकी बात को नजरंदाज कर दिया गया। 

उधर, गांव में शौचालय बनवाने का काम चल रहा है, लेकिन निर्माण की गति बहुत धीमी है। महिलाओं के इस अल्टीमेटम के बाद गांव में हड़कम्प मच गया है और समझाइश के दौर चल रहे हैं। गांव वाले यह काम जल्द से जल्द पूरा करने का भरोसा दिलाते नजर आ रहे हैं। 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान का ही यह असर है कि गांव की महिलाओं ने अब सालों से चली आ रही इस परेशानी के खिलाफ आवाज बुलंद की है। कोटा जिले की कुल 155 ग्राम पंचायतों मे से अस्सी फीसदी ग्राम पंचायते ओडीएफ घोषित हो चुकी हैं।

 
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