फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   this congress candidate also defeated the cm raje

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को भी हरा चुका है कांग्रेस का यह धौलपुर प्रत्याशी

Thu, 16 Mar 2017 12:42 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Thu, 16 Mar 2017 12:42 PM IST
विज्ञापन
this congress candidate also defeated the cm raje
वसुंधरा राजे - फोटो : demo pic
धौलपुर की बहूरानी और राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के लिए धौलपुर का चुनावी दंगल कभी भी किसी सिरदर्द से कम नहीं रहा हैं। हत्या के आरोप में विधायकी गंवा चुके बी.एल. कुशवाह के कारण धौलपुर सीट पर उपचुनाव का माहौल गरम है। इस चुनाव में भाजपा की प्रत्याशी कुशवाह की पत्नी शोभारानी हैं और कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी बनवारी लाल शर्मा को बनाया है। ये बनवारी लाल वहीं हैं, जो वर्ष 1993 के विधानसभा चुनाव में वसुंधरा राजे को हार का स्वाद चखा चुके हैं। फिलहाल राजे से भले ही सीधा मुकाबला नहीं हो, लेकिन भाजपा की आंधी के बीच ये सीट राजे और भाजपा की प्रतिष्ठा का सवाल बनी हुई है।
विज्ञापन


धौलपुर के पूर्व राजघराने की बहू राजे इस धौलपुर के चुनावी दंगल में एक बार हार का मुंह भी देख चुकी हैं। जब उन्हें वर्ष 1993 में कांग्रेस के दिग्गज और वर्तमान उपचुनाव में भी पार्टी के प्रत्याशी बनवारी लाल शर्मा ने शिकस्त दी थी। हालांकि वसुंधरा राजे जब पहली बार राजस्थान विधानसभा में पहुंची थी तब वह सीट भी धौलपुर ही थी। राजे ने धौलपुर से एकमात्र चुनावी जीत वर्ष 1985 में दर्ज की थी। वर्तमान में भाजपा ने अपने तीन मंत्री इस चुनाव में झौंक रखे हैं, वहीं राजे के पुत्र सांसद दुष्यंत सिंह बराबर शोभारानी के साथ दिखाई दे रहे हैं।
विज्ञापन


दूसरे स्थान पर रहीं थी राजे
वर्ष 1993 के विधानसभा चुनाव में धौलपुर में कांग्रेस प्रत्याशी बनवारी लाल शर्मा ने भाजपा प्रत्याशी वसुंधरा राजे को 4167 मतों से हराया था। इस चुनाव में 12 उम्मीदवार मैदान में थे। जिसमें से नौ की जमानत जब्त हो गई थी। इस चुनाव में जहां विजयी प्रत्याशी बनवारी लाल को 40761 मत मिले थे वहीं दूसरे नंबर पर रही राजे को 36594 मत मिले थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसलिए भी है शर्मा की पहचान
धौलपुर उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार बनवारी लाल शर्मा को इसलिए दिग्गज माना जा रहा है क्योंकि वह पांच बार यहां से विधायक रह चुके है। साथ ही वह कांग्रेस सरकार में मंत्री भी रहें है। हालांकि वर्ष 2008 में कांग्रेस ने बनवारी लाल शर्मा के बेटे अशोक शर्मा को यहां से उम्मीदवार बनाया था। लेकिन उन्हें भाजपा के अब्दुल सगीर ने करीब 1500 वोट से हरा दिया था। इसके बाद वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में स्वयं बनवारी लाल शर्मा को हार का सामना करना पड़ा था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed