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एसी चलाने वाले बकायादार वकीलों के कनेक्शन काटने के आदेश
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 05 Jul 2017 08:51 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : Pintrest
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राजस्थान हाईकोर्ट ने जेवीवीएनएल को आदेश दिए हैं कि वह हाईकोर्ट परिसर में बने वकीलों के एसी चैम्बर्स के बकाया बिल एक माह में जमा नहीं होने पर उनके कनेक्शन काट दे। इसके साथ ही अदालत ने नए बने ई—ब्लॉक के लिए अलग-अलग बिजली कनेक्शन देने का आदेश देते हुए अवैध कनेक्शन को तत्काल हटाने को कहा है।
न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। सुनवाई के दौरान आज एसोसिएशन की ओर से अदालत को बताया गया कि चैम्बर्स में एसी चलाने वाले वकीलों ने अदालती आदेश की पालना में पांच लाख रुपए से अधिक का बकाया बिल जमा करा दिया है। इसके अलावा कुछ वकीलों के कुल करीब दो लाख रुपए से अधिक के बिल बकाया चल रहे हैं। इसके अलावा नए बने ई ब्लॉक में करीब पन्द्रह चैम्बर्स के लिए कनेक्शन लेने के लिए आवेदन आए हैं। इस पर अदालत ने एक माह का समय देते हुए बकाया जमा नहीं होने पर एसी चैम्बर्स का कनेक्शन काटने के आदेश दिए हैं।
मामले के अनुसार जेवीवीएनएल ने वकीलों के लिए हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के नाम से एक कनेक्शन ही दे रखा है। एसोसिएशन ने अपने स्तर पर हर चैम्बर को सब-मीटर लगाकर कनेक्शन जारी कर दिए। बकाया जमा नहीं होने पर वर्ष 2014 में जेवीवीएनएल ने एसोसिएशन को नोटिस जारी कर करीब एक करोड़ रुपए से अधिक का बकाया जमा कराने को कहा। इस पर एसोसिएशन की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। हाईकोर्ट ने एसी चैम्बर्स को छोड़कर अन्य चैम्बर्स से बकाया वसूली पर रोक लगा दी थी।
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न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। सुनवाई के दौरान आज एसोसिएशन की ओर से अदालत को बताया गया कि चैम्बर्स में एसी चलाने वाले वकीलों ने अदालती आदेश की पालना में पांच लाख रुपए से अधिक का बकाया बिल जमा करा दिया है। इसके अलावा कुछ वकीलों के कुल करीब दो लाख रुपए से अधिक के बिल बकाया चल रहे हैं। इसके अलावा नए बने ई ब्लॉक में करीब पन्द्रह चैम्बर्स के लिए कनेक्शन लेने के लिए आवेदन आए हैं। इस पर अदालत ने एक माह का समय देते हुए बकाया जमा नहीं होने पर एसी चैम्बर्स का कनेक्शन काटने के आदेश दिए हैं।
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मामले के अनुसार जेवीवीएनएल ने वकीलों के लिए हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के नाम से एक कनेक्शन ही दे रखा है। एसोसिएशन ने अपने स्तर पर हर चैम्बर को सब-मीटर लगाकर कनेक्शन जारी कर दिए। बकाया जमा नहीं होने पर वर्ष 2014 में जेवीवीएनएल ने एसोसिएशन को नोटिस जारी कर करीब एक करोड़ रुपए से अधिक का बकाया जमा कराने को कहा। इस पर एसोसिएशन की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। हाईकोर्ट ने एसी चैम्बर्स को छोड़कर अन्य चैम्बर्स से बकाया वसूली पर रोक लगा दी थी।
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