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गुहार! इलाज नहीं तो मौत दे दो माईबाप

Tue, 08 Aug 2017 05:35 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Tue, 08 Aug 2017 05:35 PM IST
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the family reached the collector's office with patient
मरीज के साथ परिजन - फोटो : amar ujala
प्रदेश में आज कलक्टर कार्यालय में अजीब नजारा देखने को मिला। यहां कुछ लोग एक बीमार व्यक्ति को लेकर आए और बोल रहे थे कि इलाज नहीं तो मौत दे दो माईबाप।
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दिल दहला देने वाला ये वाकया राजस्थान के बाड़मेर जिले से जुड़ा है। यहां के धोरीमन्ना इलाके के भलीसर गांव के कुछ लोग मरीज शायब खान पुत्र आलम खान को लेकर कलक्टर कार्यालय पहुंचे। यहां रोते हुए इन लोगों को देखकर हर कोई दंग रह गया। तुरंत ही आनन-फानन में सूचना अतिरिक्त जिला कलक्टर ओमप्रकाश बिश्नोई तक पहुंची तो वह तुरंत मौके पर पहुंचे।

पीड़ितों ने उन्हें बताया कि पिछले साल सड़क दुर्घटना में शायब बुरी तरह जख्मी हो गया था। इसके बाद से ही इसका इलाज चल रहा है। इलाज कराते-कराते खेत-खलिहान बिक गए। करीब तीस लाख रुपए वे उसके इलाज पर खर्च कर चुके हैं। ऐसे में थकहारकर पिछले महीने उन्होंने इसे बाड़मेर के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवा दिया। अब वहां से भी हमें बाहर निकाल दिया गया है।
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परिजनों का कहना था कि अब इन हालात में वे क्या करें। उन्होंने रोते हुए अतिरिक्त जिला कलक्टर से गुहार लगाई कि इलाज नहीं कर सकते हैं तो मौत दे दो माईबाप।
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सरकारी अस्पताल इलाज के बजाए दे रहा है धक्का

the family reached the collector's office with patient
मरीज के साथ परिजन
भाई मुयब खान का कहना है अब उनकी हालत ऐसी नहीं रही है कि वे मरीज का इलाज प्राइवेट अस्पताल में करवा सकें और सरकारी अस्पताल इलाज की बजाय धक्का दे रहे हैं।

इस पर एडीएम ने पीड़ित परिवार को दिलासा दिया कि समस्या को गंभीरता से हल किया जाएगा। इसके बाद एडीएम ने तुरंत एंबुलेंस बुलाकर मरीज को दोबारा उसी अस्पताल में भेज दिया जहां से उन्हें बाहर निकाला गया था।

उधर, अतिरिक्त जिला कलक्टर ओमप्रकाश बिश्नोई का मामले में कहना है​ कि जो भी सरकारी मदद मिलती है उसे मुहैया करवाई जाएगी।
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