{"_id":"592a9a494f1c1bed14bda900","slug":"state-minister-manan-chaturvedi-will-receive-veer-savarkar-national-award","type":"story","status":"publish","title_hn":"राज्यमंत्री मनन चतुर्वेदी को मिलेगा वीर सावरकर राष्ट्रीय पुरस्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राज्यमंत्री मनन चतुर्वेदी को मिलेगा वीर सावरकर राष्ट्रीय पुरस्कार
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sun, 28 May 2017 03:30 PM IST
विज्ञापन
मनन चतुर्वेदी
- फोटो : फेसबुक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष और राज्यमंत्री मनन चतुर्वेदी को रविवार को पुणे में वीर सावरकर राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा जाएगा। जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र वीर सावरकर मंडल पुणे के तत्वावधान में हर वर्ष पुणे में यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया जाता है। यह पहला अवसर है जबकि राजस्थान के किसी शख्स को इस पुरस्कार के लिए चयनित किया गया।
रविवार रात साढ़े 9 बजे एक सार्वजनिक कार्यक्रम में यह पुरस्कार मनन चतुर्वेदी को देकर सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए मनन शनिवार को ही पुणे के लिए रवाना हो गई। प्रदेश की राज्य मंत्री मनन चतुर्वेदी सुरमन संस्था की संचालक भी है। उन्हें बच्चों के लिए जीवन समर्पित करने के कारण राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुना गया है।
मनन चतुर्वेदी वीर सावरकर पुरस्कार प्राप्त करने वाली पहली राजस्थानी महिला बनेगी। वह पिछले करीब 20 सालों से असहाय बच्चों का सहारा है। जिनकी मां बनकर पालन—पोषण कर रही है। मनन के सुरमन संस्था में आज भी लगभग 127 बच्चे है। जिनकी वह मां है। इसके अलावा लगभग 570 बच्चों को वह अपने माता—पिता के पास पुनर्वासित कर चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रविवार रात साढ़े 9 बजे एक सार्वजनिक कार्यक्रम में यह पुरस्कार मनन चतुर्वेदी को देकर सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए मनन शनिवार को ही पुणे के लिए रवाना हो गई। प्रदेश की राज्य मंत्री मनन चतुर्वेदी सुरमन संस्था की संचालक भी है। उन्हें बच्चों के लिए जीवन समर्पित करने के कारण राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुना गया है।
विज्ञापन
मनन चतुर्वेदी वीर सावरकर पुरस्कार प्राप्त करने वाली पहली राजस्थानी महिला बनेगी। वह पिछले करीब 20 सालों से असहाय बच्चों का सहारा है। जिनकी मां बनकर पालन—पोषण कर रही है। मनन के सुरमन संस्था में आज भी लगभग 127 बच्चे है। जिनकी वह मां है। इसके अलावा लगभग 570 बच्चों को वह अपने माता—पिता के पास पुनर्वासित कर चुकी है।
विज्ञापन