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गौ-तस्कर मौत मामला: अवैध था गौ-वंश परिवहन, गृह मंत्रालय को भेजी रिपोर्ट

Tue, 11 Apr 2017 11:03 AM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Tue, 11 Apr 2017 11:03 AM IST
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state government submit the report to home ministry about behror case
गुलाबचंद कटारिया।

बहरोड़ के कथित गौ-तस्कर मौत व मारपीट मामले में राज्य सरकार ने गृह मंत्रालय को रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में मुख्य रुप से कहा गया है कि गौ—वंश ले जा रहे लोगों के पास ट्रांजिट परमिट नहीं था। गौ—वंश का जो परिवहन किया जा रहा था वह अवैध था।

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राज्य के गृह विभाग की ओर से जो रिपोर्ट भेजी गई है, उसमें कहा गया है कि राजस्थान से गौ—वंश के लिए जिला मजिस्ट्रेट से ट्रांजिट परमिट की आवश्यकता होती है, जो नहीं लिया गया था। अवैध तौर पर गौवंश ले जाने के आरोप में ही छह लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इधर, जयपुर नगर निगम के राजस्व उपायुक्त ने गृह विभाग के प्रमुख सचिव को सौंपी रिपोर्ट में निगम की रवन्ने पर्चियों पर ही सवाल उठा दिए गए हैं। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पशु हटवाड़े से जो पर्चियां जारी की जाती हैं उनकी गौ—अधिनियम के अंतर्गत कोई मान्यता हीं नहीं है। रवन्ना शुल्क केवल हटवाड़े में सुविधा के तौर पर लिया जाता है।
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अभी और गिरफ्तारियां नहीं

एक अप्रेल को कथित गौ—तस्करों से मारपीट के मामले में अभी तक चार गिरफ्तारियां हुई हैं। जबकि पुलिस ने नौ लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए थे। इस मारपीट के बाद तीन अप्रेल को कथित गौ-तस्कर पहलू खान की बहरोड़ के निजी अस्पताल में मौत हो गई थी। जिसमें बाद इस घटना की गूंज संसद तक सुनाई दी थी।

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