देशभर में फेमस इस गणेश मंदिर को लेकर हाईकोर्ट ने दिया ये आदेश, जानिए
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न्यायाधीश मनीष भंडारी और न्यायाधीश जीआर मूलचंदानी की खंडपीठ ने यह आदेश मंदिर की सुरक्षा को लेकर लिए गए स्वप्रेरित प्रसंज्ञान पर सुनवाई करते हुए दिए। सुनवाई के दौरान मोती डूंगरी जोन उपायुक्त अशोक योगी और यातायात पुलिस के उपाधीक्षक राहुल वशिष्ठ अदालत में पेश हुए। नगर निगम की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता जगमोहन सक्सैना ने अदालत को बताया कि अदालती आदेश की पालना में मंदिर के आसपास दो दर्जन दुकानों के संचालकों को नोटिस जारी कर दुकानों के दस्तावेज मांगे गए हैं। इनमें से सिर्फ चार दुकानदारों ने ही दस्तावेज जमा कराए हैं। दुकानदारों की ओर से पेश दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है।
अदालत ने ये कहा
इस पर अदालत ने शंका जताते हुए कहा कि शेष दुकानदार अतिक्रमी होंगे। इसलिए ही उनकी ओर से दस्तावेज पेश नहीं किए गए। वहीं मौके से हटाए गए एक दुकानदार की ओर से अधिवक्ता विमल चौधरी और योगेश टेलर ने अदालत को बताया कि मंदिर के सामने सौ फीट चौड़ी सड़क है, लेकिन निगम की ओर से प्रभावशाली अतिक्रमियों पर कार्रवाई नहीं की गई। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने अतिक्रमी दुकानदारों को नोटिस जारी कर उनकी दुकान सील कर अदालत में पालना रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं।