पटाखा गोदाम में आग के बाद सात लोगों की मौत, परिजनों का शव लेने से इंकार
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बीकानेर शहर की तंग गलियों में स्थित पटाखा गोदाम मौत का गोदाम साबित हुआ है। शुक्रवार सुबह यहां उठे मौत के शोलों ने सात लोगों को मौत के घाट उतार दिया।
जबकि एक दर्जन से अधिक लोग गंभीर रुप से घायल हो गए। हादसा इतना भीषण था कि गोदाम के नजदीक स्थित तीन मकान ढह गए। पुलिस से मिली जानकार के अनुसार यह गोदाम कैलाश व्यास का है और इसका निर्माण अवैध रुप से किया गया था।
शुक्रवार सुबह करीब 10.30 बजे हुए हादसे में जहरून बानो, शकील, मोहम्मद साजिद, नाजिम, विजय वाल्मिकी, दिनेश, बलराज की मौत हो गई। गोदाम तंग गली में होने के कारण लोगों को समय रहते मदद नहीं मिली सकी।
अंतिम संस्कार से परिजनों का इंकार
जिसके कारण भी मृतकों की संख्या में ईजाफा हुआ है। वहीं स्थानीय लोगों के अनुसार दमकल व अन्य राहत के साधन करीब एक घंटे बाद ही मौके पर पहुंच सके।
लोगों ने एक-दूसरे की मदद से घायलों को मलबे से बाहर निकाला व निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचाया। वहीं सभी मृतकों के शव अभी तक बीकानेर के पीबीएम के अस्पताल में रखे हुए हैं। मृतकों के परिजन उचित मुआवजे के मांग कर रहें हैं।
परिजनों का कहना है कि जब तक सरकार उन्हें उचित मुआवजा नहीं देगी तब तक ना तो शवों का पोस्टमार्टम करने दिया जाएगा और ना ही उनका अंतिम संस्कार करेंगे।