{"_id":"59edb5c54f1c1b78548b8944","slug":"sariska-on-the-target-of-hunters-now-happened-this","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"शिकारियों के निशाने पर सरिस्का, अब हुआ सांभर का शिकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिकारियों के निशाने पर सरिस्का, अब हुआ सांभर का शिकार
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 23 Oct 2017 03:05 PM IST
विज्ञापन
डेमो इमेज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरिस्का वन्य जीव अभयारण्य एक बार फिर शिकारियों के निशाने पर है। इस बार यहां एक सांभर का शिकार करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
जानकारी के अनुसार, सरिस्का वन्य जीव अभ्यारण में स्थित बाघ परियोजना में शनिवार देर रात बालेटा नाका में रोट कला चौकी के समीप शिकारियों ने घुसपैठ कर सांभर का शिकार किया। पांच से सात शिकारी हथियारों से लैस होकर यहां प्रवेश कर गए। इस दौरान चौकी पर दो वन कर्मी तैनात थे। जैसे ही वन कर्मियों ने बंदूक के फायर की आवाज सुनी, उन्होंने इसकी सूचना अकबरपुर रेंजर को दी। रेंजर घटना स्थल पर टीम के साथ पहुंचे और मौका मुआयना किया।
टीम ने यहां से सांभर की खाल और कुल्हाड़ी बरामद की है। अकबरपुर रेंजर धर्म सिंह ने बताया कि हमें यहां कुल्हाड़ी और सांभर का शिकार मिला है। इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। अब आगे की कार्यवाही कर जांच की जा रही है।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, सरिस्का वन्य जीव अभ्यारण में स्थित बाघ परियोजना में शनिवार देर रात बालेटा नाका में रोट कला चौकी के समीप शिकारियों ने घुसपैठ कर सांभर का शिकार किया। पांच से सात शिकारी हथियारों से लैस होकर यहां प्रवेश कर गए। इस दौरान चौकी पर दो वन कर्मी तैनात थे। जैसे ही वन कर्मियों ने बंदूक के फायर की आवाज सुनी, उन्होंने इसकी सूचना अकबरपुर रेंजर को दी। रेंजर घटना स्थल पर टीम के साथ पहुंचे और मौका मुआयना किया।
टीम ने यहां से सांभर की खाल और कुल्हाड़ी बरामद की है। अकबरपुर रेंजर धर्म सिंह ने बताया कि हमें यहां कुल्हाड़ी और सांभर का शिकार मिला है। इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। अब आगे की कार्यवाही कर जांच की जा रही है।
विज्ञापन
पहले भी घायल हो गए वनकर्मी, जानिए क्यों
डेमो इमेज
वहीं, चौकी पर तैनात वनकर्मी डंडे के भरोसे यहां ड्यूटी दे रहे हैं। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि वे बंदूकों से लैस शिकारियों का कैसे मुकाबला करें।
वन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रामवीर गुर्जर ने बताया कि जंगल में ड्यूटी के दौरान हथियार मुहैया कराने की मांग पहले से ही करते आ रहे हैं। शिकारियों की घुसपैठ में शिकारियों के पास हथियार होते हैं जिनका सामना हम डंडों से नहीं कर सकते। ऐसे हालात में जंगल में वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए वन कर्मियों को हथियार मुहैया कराने की जरूरत है।
गौरतलब है कि रोट कला चौकी पर पहले भी करीब नौ महीने पहले खाताका जंगल में शिकारियों ने एक वनकर्मी और एक होमगार्ड को घायल कर दिया था। जब शिकारियों ने सांभर व जंगली सूअर का शिकार किया था।
वन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रामवीर गुर्जर ने बताया कि जंगल में ड्यूटी के दौरान हथियार मुहैया कराने की मांग पहले से ही करते आ रहे हैं। शिकारियों की घुसपैठ में शिकारियों के पास हथियार होते हैं जिनका सामना हम डंडों से नहीं कर सकते। ऐसे हालात में जंगल में वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए वन कर्मियों को हथियार मुहैया कराने की जरूरत है।
गौरतलब है कि रोट कला चौकी पर पहले भी करीब नौ महीने पहले खाताका जंगल में शिकारियों ने एक वनकर्मी और एक होमगार्ड को घायल कर दिया था। जब शिकारियों ने सांभर व जंगली सूअर का शिकार किया था।