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राज्य मानवाधिकार आयोग ने लिया इस पर स्वप्रसंज्ञान, नौ मामलों का हवाला
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 23 May 2017 12:13 PM IST
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प्रकाश टाटिया
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प्रदेश में अवैध हथियारों से बढ़ते क्राइम से चिंतिंत राज्य मानवाधिकार आयोग ने अवैध हथियार निर्माताओं पर कार्रवाई को लेकर स्वप्रसंज्ञान लिया है।
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आयोग अध्यक्ष प्रकाश टाटिया ने पिछले दिनों हुई नौ घटनाओं का हवाला देते हुए राज्य के गृह विभाग से इस मामले में रिपोर्ट तलब की है। वहीं आयोग ने पूछा है कि क्यों अवैध हथियार बनाने वाली फैक्ट्रीयों की ना तो जांच होती है और ना ही कार्रवाई। राज्य मानवाधिकार आयोग ने जिन मामलों का हवाला दिया है उनमें प्रमुख रुप से जयपुर के करणी विहार में आॅनर किलिंग, जोधपुर में एक व्यवसायी व डॉक्टर के घर बाहर फायरिंग, शराब बिक्री बंद कराने गई महिलाओं पर फायरिंग, अस्पताल में पार्किंग के लिए मना करने पर फायरिंग प्रमुख है। जबकि आयोग ने गृह विभाग से जो जानकारी मांग ही वह है —
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— सरकार के पास ऐसी कोई जानकारी है कि लाईसेंसी ने हथियार का उपयोग आत्मरक्षा के लिए किया या नहीं।
— व्यक्तिगत सुरक्षा के नाम दिए गए हथियारों की संख्या।
— पिछले दस वर्षों में गैर कानूनी हथियारों से होने वालें अपराधों की संख्या।
— पांच वर्ष में कितने लाइसेंस दिए गए है।
— लाईसेंस वाले हथियारों से जानलेवा हमले या हत्या के कितने मामले दर्ज हुए है।
राज्य मानवाधिकार आयोग ने और भी कई जानकारियां गृह विभाग से मांगी हैं।