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व्याख्याता भर्ती में क्यों नहीं की प्रतीक्षा सूची लागू: कोर्ट
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 13 Sep 2017 07:36 PM IST
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फाइल फोटो
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राजस्थान हाईकोर्ट ने स्कूल व्याख्याता भर्ती-2015 में पद रिक्त होने के बावजूद प्रतीक्षा सूची में से अभ्यर्थी को नियुक्ति नहीं देने पर प्रमुख शिक्षा सचिव और शिक्षा निदेशक सहित आरपीएससी सचिव को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।न्यायाधीश एसपी शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश मनोज कुमार व अन्य की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में अधिवक्ता तनवीर अहमद ने अदालत को बताया कि भर्ती की लिखित परीक्षा के बाद आरपीएससी ने विस्तृत आवेदन नहीं करने पर 333 अभ्यर्थियों को अपात्र घोषित कर दिया। वहीं करीब दो हजार ऐसे अभ्यर्थी हैं, जिन्होंने चयन के बाद पद ग्रहण नहीं किया।
याचिका में कहा गया कि भर्ती की प्रतीक्षा सूची छह माह के लिए वैध होती है। परीक्षा का परीणाम आए तीन माह का समय गुजर चुका है। ऐसे में प्रतीक्षा सूची के उच्च वरीयता वाले अभ्यर्थियों का चयन कर नियुक्ति दी जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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याचिका में अधिवक्ता तनवीर अहमद ने अदालत को बताया कि भर्ती की लिखित परीक्षा के बाद आरपीएससी ने विस्तृत आवेदन नहीं करने पर 333 अभ्यर्थियों को अपात्र घोषित कर दिया। वहीं करीब दो हजार ऐसे अभ्यर्थी हैं, जिन्होंने चयन के बाद पद ग्रहण नहीं किया।
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याचिका में कहा गया कि भर्ती की प्रतीक्षा सूची छह माह के लिए वैध होती है। परीक्षा का परीणाम आए तीन माह का समय गुजर चुका है। ऐसे में प्रतीक्षा सूची के उच्च वरीयता वाले अभ्यर्थियों का चयन कर नियुक्ति दी जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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