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राहुल की ताजपोशी से पार्टी में इस ऊंचे पद का दावेदार बना ये दिग्गज
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 16 Dec 2017 03:47 PM IST
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गुजरात चुनाव प्रचार में राहुल के साथ गहलोत
राहुल गांधी ने कांग्रेस की कप्तानी संभाल ली है। इसके साथ ही कांग्रेस के दूसरे दिग्गज नेताओं के भविष्य को लेकर भी चर्चाएं गरमा गई हैं। इन चर्चाओं में अब पहला नाम राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का भी है, जिन्होंने गुजरात में कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने का काफी प्रयास किया। ये पार्टी से गुजरात के चुनाव प्रभारी भी रहे।
दरअसल, राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने के बाद उपाध्यक्ष पद खाली हो गया है। इस पद के लिए वर्तमान में अन्य केंद्रीय नेताओं के साथ राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी प्रबल दावेदार बताए जा रहे हैं। पंजाब चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद पार्टी में उनका कद बढ़ा। इसके बाद कांग्रेस ने उन्हें गुजरात चुनाव की कमान सौंपी थी। गहलोत ने इस जिम्मेदारी को भी बेखूबी निभाया है।
पंजाब में कांग्रेस ने सरकार बनाई और अब गुजरात में चुनाव के परिणाम कुछ भी रहें, लेकिन पार्टी में अंदरखाने गहलोत की तारीफ हो रही है। गुजरात चुनाव प्रचार में राहुल गांधी के साथ उनकी नजदीकी और बढ़ गई है।
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दरअसल, राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने के बाद उपाध्यक्ष पद खाली हो गया है। इस पद के लिए वर्तमान में अन्य केंद्रीय नेताओं के साथ राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी प्रबल दावेदार बताए जा रहे हैं। पंजाब चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद पार्टी में उनका कद बढ़ा। इसके बाद कांग्रेस ने उन्हें गुजरात चुनाव की कमान सौंपी थी। गहलोत ने इस जिम्मेदारी को भी बेखूबी निभाया है।
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पंजाब में कांग्रेस ने सरकार बनाई और अब गुजरात में चुनाव के परिणाम कुछ भी रहें, लेकिन पार्टी में अंदरखाने गहलोत की तारीफ हो रही है। गुजरात चुनाव प्रचार में राहुल गांधी के साथ उनकी नजदीकी और बढ़ गई है।
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पायलट होंगे और मजबूत
फाइल फोटो
- फोटो : getty images
इधर, गहलोत भूत पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के समय से राजनीति में हैं, इस कारण सोनिया गांधी की टीम में भी उनकी पैठ अच्छी रही है। ऐसे में राहुल की ताजपोशी से गहलोत का कद बढ़ने चर्चाएं राजनीति गलियारों में तेज हो गई है।
राजस्थान में पीसीसी चीफ सचिन पायलट राहुल गांधी की पसंद है। ऐसे में कहा जा रहा है कि अब पार्टी की कमान पूरी तरह राहुल के हाथ में आने से पायलट भी मजबूत होंगे। पायलट को जब राजस्थान की कमान सौंपी थी, तब स्थानीय कांग्रेस में उनके खिलाफ खेमाबंदी भी हुई। इसकी वजह से पायलट ने नियुक्तियों से लेकर कई दूसरे फैसले भी सीधे दिल्ली से करवाए। ताकि उनका यहां विरोध नहीं हो। चर्चा तो रही कि राहुल से नजदीकी की वजह से पायलट ने गहलोत को राजस्थान की राजनीति से दूर रखने के भी प्रयास किए।
राजस्थान में पीसीसी चीफ सचिन पायलट राहुल गांधी की पसंद है। ऐसे में कहा जा रहा है कि अब पार्टी की कमान पूरी तरह राहुल के हाथ में आने से पायलट भी मजबूत होंगे। पायलट को जब राजस्थान की कमान सौंपी थी, तब स्थानीय कांग्रेस में उनके खिलाफ खेमाबंदी भी हुई। इसकी वजह से पायलट ने नियुक्तियों से लेकर कई दूसरे फैसले भी सीधे दिल्ली से करवाए। ताकि उनका यहां विरोध नहीं हो। चर्चा तो रही कि राहुल से नजदीकी की वजह से पायलट ने गहलोत को राजस्थान की राजनीति से दूर रखने के भी प्रयास किए।