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राजस्थान: कैदियों को अब मिलेगी ज्यादा मजदूरी, बेकरी खोल रोजगार भी बढ़ा रही सरकार

Mon, 25 Jan 2021 04:42 PM IST
कुमार संभव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: कुमार संभव Updated Mon, 25 Jan 2021 04:42 PM IST
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rajasthan ashok gehlot government increased prisoners wages and will open jail bakery for women prisoners
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

राजस्थान की जेलों में बंद कैदियों के लिए एक खुशखबर है। दरअसल, राजस्थान की गहलोत सरकार ने कैदियों की मजदूरी बढ़ाने का फैसला लिया है। साथ ही, जेलों में बेकरी खोलकर रोजगार के नए अवसर बढ़ाने की भी योजना है। इस संबंध में प्रदेश के गृह विभाग ने आदेश जारी कर दिया है।

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डीजीपी कारागार ने जारी किए आदेश

जानकारी के मुताबिक, कैदियों की मजदूरी में इजाफे से संबंधित आदेश राजस्थान कारागार के पुलिस महानिदेशक राजीव दासोत की ओर से जारी कर दिए गए हैं। यह जानकारी कोटा जेल अधीक्षक सुमन मालीवाल ने दी। उन्होंने बताया कि अब जेलों में कैद कुशल बंदी श्रमिकों को 249 रुपये प्रतिदिन दिए जाएंगे। वहीं, अकुशल बंदी श्रमिकों को रोजाना 225 रुपये मिलेंगे। पहले कुशल बंदी श्रमिक के लिए यह रकम 209 रुपये और अकुशल बंदी श्रमिक के लिए 189 रुपये थी।
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जेल में खुलेगी बेकरी

बता दें कि कोटा जेल में इस वक्त 516 कैदी बंद हैं। ये सभी कैदी जेल उद्योगशाला में लगातार काम कर रहे हैं। वहीं, कोटा की महिला जेल में बंद कैदियों के लिए जेल परिसर में बेकरी भी खोली जा रही है। जेल अधीक्षक ने बताया कि महिला जेल में इस वक्त 34 कैदी हैं। 
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कोटा जेल के उत्पादों की मांग बढ़ी

जेल अधीक्षक के मुताबिक, इस वक्त कोटा जेल की उद्योगशालाओं में दरी, निवाड़, कपड़ा बुनाई, सिलाई, कूलर बनाना, कार्पेंट्री, हौजरी और लुहारी आदि काम कराए जाते हैं। इसके अलावा फिनायल, झाड़ू और पोछा निर्माण भी होता है। साथ ही, कोटा जेल की आर्केस्ट्रा के कलाकार शहर में होने वाले कार्यक्रमों में अपना परफॉर्मेंस देकर भी रोजगार पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कोटा जेल में बने उत्पाद बाजारों में लगातार अपनी पहचान बना रहे हैं। 

पीड़ित को मिलती है 25 प्रतिशत रकम

गौरतलब है कि जेल नियमों के मुताबिक, कुशल और अकुशल कैदियों को मिलने वाली मजदूरी की 25 प्रतिशत रकम पीड़ित को दी जाती है। वहीं, बाकी 75 प्रतिशत राशि बंदी श्रमिक को दी जाती है। हालांकि, काफी समय से कैदियों की मजदूरी में संशोधन की मांग हो रही थी। ऐसे में राज्य सरकार ने एक समिति बनाई, जिसकी सिफारिश के आधार पर बंदी मजदूरी में इजाफा किया गया है।
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