फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Preparation of World Record of Nasya Karma

नस्य कर्म से इलाज, गिनीज बुक में दर्ज कराने की तैयारी

Sat, 19 Aug 2017 06:02 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Sat, 19 Aug 2017 06:02 PM IST
विज्ञापन
Preparation of World Record of Nasya Karma
नस्य कर्म से इलाज कर रिकॉर्ड बनाने की तैयारी
आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में महत्वपूर्ण पंचकर्म के नस्य कर्म से एक दिन में एक स्थान पर एक हजार से अधिक मरीजों के सफल इलाज कर रिकॉर्ड बनाने की तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन


गिनीज बुक के लिए यह वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के लिए 15 सितंबर को राजस्थान की राजधानी जयपुर के राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में यह कार्यक्रम आयोजित होगा। इसका आयोजन राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान जयपुर एवं नेशनल आयुर्वेद स्टुडेन्टस् एण्ड यूथ एसोसियशन (नस्या) के संयुक्त तत्वाधान में केन्द्रीय आयुष मंत्रालय,सेन्ट्रल काउन्सिल ऑफ रिसर्च इन आयुर्वेदिक सांईन्सेस,राजस्थान आयुर्वेद यूनिवर्सिटी, उत्तराखण्ड आयुर्वेद यूनिवर्सिटी, गुजरात आयुर्वेद यूनिवर्सिटी,विज्ञान भारती एवं वर्ल्ड आयुर्वेद फाउण्डेशन के सहयोग से किया जाएगा। 
विज्ञापन


राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के निदेशक प्रो.संजीव शर्मा ने बताया कि 14, 15 और 16 सितम्बर को संस्थान में प्रथम राष्ट्रीय आयुर्वेद युवा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। जिसके तहत 15 सितम्बर को नस्य कर्म से इलाज कर विश्व रिकॉर्ड बनाया जाएगा। इस दौरान गिनीज बुक की पूरी टीम उपस्थित रहेगी। आयोजन समिति की को-चेयर प्रो.मीता कोटेचा ने बताया कि कार्यक्रम को लेकर पूरे भारत वर्ष से रजिस्ट्रेशन प्राप्त हुए हैं। प्रथम आयोजन में ही युवाओं के अत्यधिक उत्साह को देखते हुए प्रत्येक 2 वर्ष में युवा महोत्सव मनाने का निर्णय आयोजन समिति द्वारा लिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


 

जानिए क्या होता है नस्य कर्म

Preparation of World Record of Nasya Karma
नस्य कर्म - फोटो : demo
राष्ट्रीय आयुर्वेद युवा महोत्सव के मुख्य संयोजक व नस्या के राष्ट्रीय संरक्षक वैद्य असित पांजा ने बताया कि इस दौरान एक साथ 1000 से अधिक चिकित्सक नस्य कर्म को करके वर्ल्ड रिकार्ड बनाएंगे। उन्होने बताया की नस्य कर्म के दौरान नाक से औषध का प्रवेश कराया जाता है इसलिए इसका नाम प्राचीन आचार्यो ने नस्य रखा है। 

आज इसके लिए संस्थान परिसर में पूर्वाभ्यास किया गया। इस पूर्वाभ्यास कार्यक्रम के दौरान नस्या राजस्थान के संरक्षक वैद्य सुदिप्त रथ,उपाध्यक्ष वैद्य पुनीत चतुर्वेदी,कोषाध्यक्ष वैद्या अंकिता अग्रवाल सहित संस्थान के शिक्षक गण,पीएचडी अध्येता,स्नातकोतर व स्नातक छात्र-छात्रा,संस्थान के स्टाफ सभी उपस्थित थे।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed