{"_id":"58e786234f1c1b82575b6478","slug":"pre-pg-doctors-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्री—पीजी में इन डॉक्टरों को नहीं मिलेगा रिजर्वेशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्री—पीजी में इन डॉक्टरों को नहीं मिलेगा रिजर्वेशन
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 07 Apr 2017 06:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजस्थान हाईकोर्ट ने शुक्रवार को प्री—पीजी प्रवेश प्रक्रिया मामले में बोनस अंकों को लेकर लगाई गई याचिका पर सुनवाई की। आरयूएचएस और राजस्थान विवि से एमबीबीएस करने वाले डॉक्टरों को सीटों पर आरक्षण नहीं देने का आदेश दिया।
न्यायाधीश अजय रस्तोगी की खंडपीठ ने ये आदेश चिकित्सकों की ओर से लगाई गई याचिका पर दिया। याचिका में बताया गया कि प्री-पीजी प्रवेश के लिए ग्रामीण क्षेत्र में एक साल से लगे चिकित्सकों को दस फीसदी, दो साल से लगे चिकित्सकों को बीस फीसदी और तीन साल से लगे चिकित्सकों को तीस फीसदी बोनस अंक देने के आदेश जारी किए थे, लेकिन राज्य सरकार केवल दस फीसदी बोनस अंक देने का आदेश दे दिया। इस पर कोर्ट ने राज्य सरकार के आदेश को रद्द करने का आदेश दिया।
साथ ही, राज्य सरकार के उस आदेश को भी रद्द कर दिया जिसके अनुसार आरयूएचएस और राजस्थान विश्वविद्यालय से एमबीबीएस करने वाले छात्रों को प्री—पीजी की 25 फीसदी सीटों पर आरक्षण दिया गया था। गौरतलब है कि आरयूएचएस की स्थापना से पहले राजस्थान विवि की ओर से भी छात्रों को एमबीबीएस करवाई जाती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
न्यायाधीश अजय रस्तोगी की खंडपीठ ने ये आदेश चिकित्सकों की ओर से लगाई गई याचिका पर दिया। याचिका में बताया गया कि प्री-पीजी प्रवेश के लिए ग्रामीण क्षेत्र में एक साल से लगे चिकित्सकों को दस फीसदी, दो साल से लगे चिकित्सकों को बीस फीसदी और तीन साल से लगे चिकित्सकों को तीस फीसदी बोनस अंक देने के आदेश जारी किए थे, लेकिन राज्य सरकार केवल दस फीसदी बोनस अंक देने का आदेश दे दिया। इस पर कोर्ट ने राज्य सरकार के आदेश को रद्द करने का आदेश दिया।
विज्ञापन
साथ ही, राज्य सरकार के उस आदेश को भी रद्द कर दिया जिसके अनुसार आरयूएचएस और राजस्थान विश्वविद्यालय से एमबीबीएस करने वाले छात्रों को प्री—पीजी की 25 फीसदी सीटों पर आरक्षण दिया गया था। गौरतलब है कि आरयूएचएस की स्थापना से पहले राजस्थान विवि की ओर से भी छात्रों को एमबीबीएस करवाई जाती थी।
विज्ञापन