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'सभापति से परेशान होकर आत्महत्या कर रहा हूं'

Wed, 24 May 2017 01:25 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Wed, 24 May 2017 01:25 PM IST
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police got suicide note in contractor suicide case in barmer
suicide
बाड़मेर में जोगियों की दड़ी में 5 दिन पहले हुए सुसाइड मामले में पुलिस के हाथ एक सुसाइड नोट लगा है, जिसने एक बड़ा खुलासा किया है। बाड़मेर शहर के जोगियों की दड़ी इलाके में पांच दिन पहले एक नगरपरिषद के बाबूलाल ने पानी के टांके में कूदकर आत्महत्या कर ली।
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मामले के तहत घटना के दो दिन बाद उसके घर से एक सुसाइट नोट पुलिस के हाथ लगा है। सुसाइट नोट में उसने नगरपरिषद के सभापति व परिषद में कार्यरत जेईएन को अपनी मौत का दोषी बताया है। सुसाइट नोट में ठेकेदार बाबूलाल ने लिखा कि नगरपरिषद सभापति लूणकरण बोथरा व जेईएन रितेश रंजन व पुरखाराम ने मुझे खूब परेशान किया और मेरा लाखों रुपए का पेमेंट अटका कर रखा। जिससे मैं बुरी तरह परेशान हो गया। जब आखिरी बार मैं सभापति लूणकरण बोथरा से मिलने गया तो उसने मुझे जातिगत शब्दों से अपमानित किया तथा धक्के देकर बाहर निकाल दिया। उसने में मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हुए कहा कि तेरी औकात नहीं थी तो काम लिया क्यों? 
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बाबूलाल ने लिखा कि हर बार सभापति मेरा पेमेंट रोक देते है और फाइल पर साइन करने के बावजूद चैक नहीं देते थे। जेईएन रितेश रंजन व पुरखाराम मेरे बिल महिनों तक नहीं बनाते थे। पूछने पर कहते हैं कि हमें सभापति ने मना किया है। जबकि यही सभापति कई ठेकेदारों को नाजायज फायदा पहुंचाने के लिए फर्जी नालियां रिपेयरिंग का बिल बनाकर पास कर देता है। ऐसे में कई बार मैने जानने की भी कोशिश की कि आखिर कौनसे ठेकेदार ने कहां नालियों की रिपेयरिंग की। लेकिन कोई जवाब नहीं देता। मेरा लाखों रुपए के बिल सभापति ने व्यक्तिगत रंजिश रखते हुए अटका कर रख दिए है। उसने नोट में लिखा कि मेरी आत्महत्या का कारण सभापति लूणकरण बोथरा है। 
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प्रेत आत्मा का साया
मृतक बाबूलाल ठेकेदार के घर से बरामद सुसाइट नोट में उसने प्रेतआत्मा का जिक्र किया है। उसने लिखा कि मेरे घर में प्रेत आत्मा का साया है। इसलिए पिछले सात सालों से मुझे परेशानी हो रही है। इसको लेकर मैने कई भोपों व गुरुओं के चक्कर काटे। उसने भोपों के नाम बताते हुए लिखा कि करमूजी नाम के भोपे को 70 हजार रुपए दिए। इसी तरह एक रेबारी जाति के भोपे को 40 हजार रुपए दिए लेकिन मेरे घर में कोई फर्क नहीं पड़ा। घर में प्रेतआत्मा का साया बताते है लेकिन सात साल में मुझे नुकसान ही हुआ कोई फायदा नहीं हुआ है। 

लेनदारी व देनदारियों का किया जिक्र
मृतक बाबूलाल ने सुसाइड नोट में खुद की लेनदारियों व देनदारियों का जिक्र भी किया है। उसने विभिन्न लोगों को दिए गए उधार रुपयों का जिक्र करते हुए उन्हें रुपए देने की बात कही है। वहीं क्रेशर सहित विभिन्न लोगों की देनदारियों का जिक्र भी नोट में किया है।

नियमानुसार होगी सख्त कार्रवाई
अगर भारतीय संविधान के अनुसार देखा जाए तो मृतक के अंतिम लिखित लेख को सत्य माना जाता है। अगर ऐसा हुआ तो सभापति लूणकरण बोथरा व जेइएन के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। 

कई ठेकेदार परेशान
पूर्व में भी नगरपरिषद में ठेकेदारों ने भुगतान को लेकर प्रदर्शन किया था। तथा कई बार ठेकेदारों ने भुगतान को लेकर सभापति पर आरोप लगाए थे। भुगतान को लेकर नगरपरिषद सभापति के खिलाफ ठेकेदार कई बार अपना विरोध दर्ज करवा चुके है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ठेकेदारों ने कई बार आरोप लगाए कि सभापति जानबुझकर ठेकेदारों का भुगतान रोकते है तथा उन्हें परेशान करते है। 

एसटी एससी एक्ट के तहत मामला दर्ज
मृतक ठेकेदार के सुसाइड नोट के आधार पर उसके परिजनों ने सदर थाना बाड़मेर में मंगलवार को एससी एसटी एक्ट के तहत सभापति लूणकरण बोथरा व नगरपरिषद के कार्मिकों द्वारा प्रताड़ित कर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज करवाया है। जिसकी जांच बाड़मेर डिप्टी ओमप्रकाश उज्ज्वल कर रहे हैं। 


सारे आरोप झूठे हैं
सुसाइड नोट में लगाए गए सारे आरोप मनगढत व झूठे है। बिल बनाने का काम मेरा नहीं है। मैेनें कभी भी मृतक के साथ गाली गलोच व अभद्र भाषा का प्रयोग नहीं किया है। यह मुझे फसाने की साजिश है। मेरे खिलाफ मुकदमा करने का मुझे पता नहीं है। अगर ऐसा हुआ है तो पुलिस अपना काम करेगी। मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।
लूणकरण बोथरा, सभापति, नगरपरिषद बाड़मेर।
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