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कट के मिली सैलेरी तो इस पुलिसवाले ने खा ली नींद की गोलियां
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 12 Oct 2017 01:28 PM IST
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कांस्टेबल सुभाष चंद्र
- फोटो : Amar Ujala
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एक पुलिसकर्मी ने वेतन में कटौती होने के विरोध में नींद की गोलियां खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। एसपी आॅफिस में तैनात कांस्टेबल की इस हरकत से सभी हक्के-बक्के रह गए।
प्रतापगढ़ जिले में बुधवार देर रात एसपी आॅफिस में कार्यरत कांस्टेबल सुभाष चंद्र ने नींद की गोलियां खा ली थी, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। कांस्टेबल सुभाष को गंभीर अवस्था में प्रतापगढ़ के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
सूत्रों के अनुसार कांस्टेबल ने नींद की गोलियां खाने से पहले एक सुसाइड नोट भी अपने बगल में छोड़ा है, जिसमें राजस्थान सरकार द्वारा प्रस्तावित वेतन कटौती किए जाने से तंग आने का जिक्र है। इस घटना से प्रतापगढ़ जिला पुलिस महकमा पूरी तरह से स्तब्ध रह गया। जानकारी मिलते ही एसपी,एएसपी समेत सभी आला अधिकारी अस्पताल पहुंच गए हैं।
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प्रतापगढ़ जिले में बुधवार देर रात एसपी आॅफिस में कार्यरत कांस्टेबल सुभाष चंद्र ने नींद की गोलियां खा ली थी, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। कांस्टेबल सुभाष को गंभीर अवस्था में प्रतापगढ़ के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
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सूत्रों के अनुसार कांस्टेबल ने नींद की गोलियां खाने से पहले एक सुसाइड नोट भी अपने बगल में छोड़ा है, जिसमें राजस्थान सरकार द्वारा प्रस्तावित वेतन कटौती किए जाने से तंग आने का जिक्र है। इस घटना से प्रतापगढ़ जिला पुलिस महकमा पूरी तरह से स्तब्ध रह गया। जानकारी मिलते ही एसपी,एएसपी समेत सभी आला अधिकारी अस्पताल पहुंच गए हैं।
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सुसाइड नोट में बयां किया पुलिस का दर्द
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एसपी आॅफिस में तैनात कांस्टेबल ने अपने सुसाइड नोट में पुलिस का दर्द बयां करते हुए लिखा 'सरकार पुलिस के साथ वेतन कटौती कर नाइंसाफी कर रही है। पुलिस के कांस्टेबल और हैडकांस्टेबल हमेशा अधिकारियों के दबाव के चलते सरकार का विरोध भी नहीं कर सकते।
सरकार को मालूम है कि पुलिकर्मियों की वजह से जनता को राहत, मंत्रियों को सुरक्षा, अपराधों पर अंकुश और कई व्यवस्थाएं चलती हैं, फिर भी सरकार की नजर में पुलिसकर्मी कुछ भी नहीं है। हमारे वेतन काटे गए हैं'। कांस्टेबल सुभाष ने अपने 5 पेज के सुसाइड नोट में सरकार और पुलिस महकमें के बारे में काफी कुछ लिखा है।
गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा पुलिसकर्मियों के वेतन वृद्धि रोके जाने और वेतन कटौती के चलते राज्यभर से पुलिसकर्मी विरोध स्वरुप मेस का बहिष्कार कर रहे हैं वहीं काली पट्टी बांधे ड्यूटी कर रहे हैं।
सरकार को मालूम है कि पुलिकर्मियों की वजह से जनता को राहत, मंत्रियों को सुरक्षा, अपराधों पर अंकुश और कई व्यवस्थाएं चलती हैं, फिर भी सरकार की नजर में पुलिसकर्मी कुछ भी नहीं है। हमारे वेतन काटे गए हैं'। कांस्टेबल सुभाष ने अपने 5 पेज के सुसाइड नोट में सरकार और पुलिस महकमें के बारे में काफी कुछ लिखा है।
गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा पुलिसकर्मियों के वेतन वृद्धि रोके जाने और वेतन कटौती के चलते राज्यभर से पुलिसकर्मी विरोध स्वरुप मेस का बहिष्कार कर रहे हैं वहीं काली पट्टी बांधे ड्यूटी कर रहे हैं।