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'पद्मावती' विवाद: राजपूत समाज की आशंकाओं के बीच उमा भारती का खुला खत
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 04 Nov 2017 05:41 PM IST
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उमा भारती
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निर्माता-निर्देशक संजयलीला भंसाली पर 'पद्मावती' फिल्म को लेकर राजपूत समाज द्वारा लगाए जा रहे अलाउद्दीन खिलजी के महिमामण्डन के आरोपों के बीच केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने खुला खत जारी कर एक नई बहस छेड़ दी। उन्होंने आज ट्विटर पर जारी खुले पत्र और ट्विट में इस फिल्म को लेकर चल रहे विवाद में अपनी मन की बात खुलकर कही।
उमा भारती ने खत में फिल्म मेकर की अभिव्यक्ति की आजादी का समर्थन किया और ये भी कहा कि इसकी कहीं तो एक सीमा होती है। उमा भारती ने आज साफ तौर पर कहा कि अलाउद्दीन खिलजी एक व्यवचारी हमलावर था और उसकी नजर पद्मावती पर थी। उसने चित्तौड़ को नष्ट कर दिया। इतना ही नहीं उमा भारती ने आजकल लड़कियों पर एसिड अटैक करने वालों को अलाउद्दीन खिलजी के वंशज बताकर उनकी जमकर आलोचना की।
उमा भारती ने खत में सवाल उठाया है कि उन्होंने फिल्म नहीं देखी है, लेकिन लोगों के मन में आशंकाओं का जन्म क्यों हो रहा है? उन्होंने कहा है कि इन आशंकाओं का लुत्फ मत उठाइए और वोट बैंक भी मत बनाइए। कोई रास्ता निकालकर बात समाप्त कर दें।
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उमा भारती ने खत में फिल्म मेकर की अभिव्यक्ति की आजादी का समर्थन किया और ये भी कहा कि इसकी कहीं तो एक सीमा होती है। उमा भारती ने आज साफ तौर पर कहा कि अलाउद्दीन खिलजी एक व्यवचारी हमलावर था और उसकी नजर पद्मावती पर थी। उसने चित्तौड़ को नष्ट कर दिया। इतना ही नहीं उमा भारती ने आजकल लड़कियों पर एसिड अटैक करने वालों को अलाउद्दीन खिलजी के वंशज बताकर उनकी जमकर आलोचना की।
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उमा भारती ने खत में सवाल उठाया है कि उन्होंने फिल्म नहीं देखी है, लेकिन लोगों के मन में आशंकाओं का जन्म क्यों हो रहा है? उन्होंने कहा है कि इन आशंकाओं का लुत्फ मत उठाइए और वोट बैंक भी मत बनाइए। कोई रास्ता निकालकर बात समाप्त कर दें।
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उमा ने उठाई प्री स्क्रीनिंग की बात
uma bharti
उन्होंने खत में मर्यादा के उल्लंघन की निंदा स्वभाविक बताते हुए फिल्म की प्री-स्क्रीनिंग की मांग कर डाली है। उन्होंने खत में कहा कि पत्नी को बहन और बहन को पत्नी के रूप में अभिव्यक्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि इसकी संभावना तो केवल जानवरों में होती है। सच्चाई से छेड़छाड़ के आरोपों पर उमा का यह तंज साफ करता है कि इतिहास को बदला नहीं जा सकता है।
उमा भारती ने कहा कि फिल्म को लेकर जो आशंकाएं जताई जा रही है उसका लुत्फ नहीं उठाना चाहिए। नारी सम्मान के साथ खिलवाड़ नहीं किया जाना चाहिए। राणा रतन सिंह सहित कई वीर शहीद हुए और रानी ने शहीद पत्नियों के साथ खुद को जीवित आग के हवाले कर जौहर किया। उमा भारती ने लिखा कि इस दुखद अंत की बहुत वेदना होती है।
उन्होंने 'पद्मावती' को लेकर उपजे विवाद पर राजनीति नहीं करने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि इस मामले को वोट बैंक के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री का सुझाव है कि क्यों न रिलीज से पहले इतिहासकार, फिल्मकार और आपत्ति करने वाले समुदाय के प्रतिनिधि और सेंसर बोर्ड मिलकर कमेटी बनाए और वो इस पर फैसला करे।
उमा भारती ने कहा कि फिल्म को लेकर जो आशंकाएं जताई जा रही है उसका लुत्फ नहीं उठाना चाहिए। नारी सम्मान के साथ खिलवाड़ नहीं किया जाना चाहिए। राणा रतन सिंह सहित कई वीर शहीद हुए और रानी ने शहीद पत्नियों के साथ खुद को जीवित आग के हवाले कर जौहर किया। उमा भारती ने लिखा कि इस दुखद अंत की बहुत वेदना होती है।
उन्होंने 'पद्मावती' को लेकर उपजे विवाद पर राजनीति नहीं करने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि इस मामले को वोट बैंक के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री का सुझाव है कि क्यों न रिलीज से पहले इतिहासकार, फिल्मकार और आपत्ति करने वाले समुदाय के प्रतिनिधि और सेंसर बोर्ड मिलकर कमेटी बनाए और वो इस पर फैसला करे।
फिल्म के विरोध में रहा था यह शहर बंद
During the shoot with director Sanjay Leela Bhansali assault, sabotage on film set
'पद्मावती' फिल्म में तथ्यों से छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लग रहे हैं। इसके विरोध में धरना, प्रदर्शन जारी है। राजपूत समाज इस फिल्म के प्रदर्शन का विरोध कर रहा है। इसके विरोध में चित्तौड़ बंद रहा।
इससे पहले शूटिंग के दौरान जयपुर में डायरेक्टर संजय लीला भंसाली की पिटाई भी हो चुकी है। उस दौरान फिल्म के सेट में जमकर तोड़फोड़ की गई। बाद में जब इसका पोस्टर रिलीज हुआ तो उन्हें भी फाड़ा गया। राजपूत समाज और करणी सेना ने फिल्म का प्रदर्शन नहीं होने देने की चेतावनी दे रखी है।
इससे पहले शूटिंग के दौरान जयपुर में डायरेक्टर संजय लीला भंसाली की पिटाई भी हो चुकी है। उस दौरान फिल्म के सेट में जमकर तोड़फोड़ की गई। बाद में जब इसका पोस्टर रिलीज हुआ तो उन्हें भी फाड़ा गया। राजपूत समाज और करणी सेना ने फिल्म का प्रदर्शन नहीं होने देने की चेतावनी दे रखी है।