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दो माह में फोन के जरिये ठग लिए नौ लाख, जानिए कैसे
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 08 Jul 2017 04:08 PM IST
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साहब मैं बैंक से बोल रहा हूं, आपका इंश्योरेंस करना है आप खाते में रुपया जमा करा दीजिए। इसके बाद वह दो महीने तक ऐसे ही रुपए जमा करवाता रहा। आखिरकार उसने लाखों रुपए ठग लिए, जिसके बाद फोन उठाना भी बंद कर दिया।
मामला जोधपुर के राजीव नगर से जुड़ा है। यहां के बासनी थाना क्षेत्र में रहने वाले गोरधन सोनी पुत्र राधाकिशन ने मामला दर्ज कराया है। इसमें बताया गया है कि वह सरकारी सेवा से निवृत्त है और पेंशनभोगी है। सेवानिवृत्ति के बाद काफी रकम मिली थी। जिसे नेफ्ट के मार्फत एसबीबीजे बैंक में डलवाया था। गत 25 अप्रैल को उसके पास एक फोन आया, जिसमें अनजान शख्स ने खुद को आरबीआई का अफसर बताते हुए इंश्योरेंस के नाम पर खाता संख्या हासिल कर ली और रुपया जमा कराने का कहा। इसके बाद वह लगातार 5 जुलाई तक रुपए जमा करवाता रहा। ऐसे करके उसने खाते में करीब नौ लाख रुपए जमा करवा लिए।
इसके बाद ना तो इंश्योरेंस की जानकारी दी और ना ही बीमा पॉलिसी के बारे में बताया। कुछ दिन बाद उसका फोन आना भी बंद हो गया। शक होने पर गोरधन को ठगी का पता लगा। आखिरकार उसने अदालत में परिवाद दायर कर कल शाम बासनी पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया है। बासनी थाने के एसआई देवाराम इसकी जांच कर रहे हैं।
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मामला जोधपुर के राजीव नगर से जुड़ा है। यहां के बासनी थाना क्षेत्र में रहने वाले गोरधन सोनी पुत्र राधाकिशन ने मामला दर्ज कराया है। इसमें बताया गया है कि वह सरकारी सेवा से निवृत्त है और पेंशनभोगी है। सेवानिवृत्ति के बाद काफी रकम मिली थी। जिसे नेफ्ट के मार्फत एसबीबीजे बैंक में डलवाया था। गत 25 अप्रैल को उसके पास एक फोन आया, जिसमें अनजान शख्स ने खुद को आरबीआई का अफसर बताते हुए इंश्योरेंस के नाम पर खाता संख्या हासिल कर ली और रुपया जमा कराने का कहा। इसके बाद वह लगातार 5 जुलाई तक रुपए जमा करवाता रहा। ऐसे करके उसने खाते में करीब नौ लाख रुपए जमा करवा लिए।
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इसके बाद ना तो इंश्योरेंस की जानकारी दी और ना ही बीमा पॉलिसी के बारे में बताया। कुछ दिन बाद उसका फोन आना भी बंद हो गया। शक होने पर गोरधन को ठगी का पता लगा। आखिरकार उसने अदालत में परिवाद दायर कर कल शाम बासनी पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया है। बासनी थाने के एसआई देवाराम इसकी जांच कर रहे हैं।
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