{"_id":"5995712f4f1c1b61108b4677","slug":"now-you-must-take-online-puc-certificate-so-will-the-expense","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":" अब ऑनलाइन ही लेना होगा पॉल्यूशन कंट्रोल सर्टिफिकेट, इतना होगा खर्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब ऑनलाइन ही लेना होगा पॉल्यूशन कंट्रोल सर्टिफिकेट, इतना होगा खर्चा
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 17 Aug 2017 04:16 PM IST
विज्ञापन
प्रदूषण
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दो दिन बाद प्रदेश में गाड़ियों के पॉल्यूशन अंडरकट्रोल सर्टिफिकेट ऑनलाइन ही मिलेंगे। सर्टिफिकेट लेने के लिए थोड़ी सी मेहनत करनी होगी।
दरअसल, राजस्थान मोटरयान प्रदूषण ऑनलाइन जांच केन्द्र योजना-2017 के अन्तर्गत प्रथम चरण में जयपुर जिले में 19 अगस्त से वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र केवल ऑनलाइन ही जारी किए जाएंगे। इसके लिए जिले के सभी 151 अधिकृत केन्द्रों को नेटवर्किंग के माध्यम से जोड़ा जा चुका है।
परिवहन मंत्री यूनुस खान ने बताया कि प्रदेश के अधिकृत प्रदूषण जांच केन्द्रों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता एवं एकरूपता के लिए राज्य सरकार ने जांच केन्द्रों को नेटवर्किंग के माध्यम से जोड़ने की घोषणा की थी। इस संबंध में परिवहन विभाग द्वारा राजस्थान इलेक्ट्रॉनिक्स एण्ड इन्स्ट्रूमेन्ट्स लिमिटेड से एग्रीमेंट किया गया है। योजना के द्वितीय चरण में अगले तीन माह में अन्य जिलों में स्थापित करीब 1000 अधिकृत प्रदूषण जांच केन्द्रों को भी नेटवर्किंग के माध्यम से जोड़ दिया जाएगा।
विज्ञापन
दरअसल, राजस्थान मोटरयान प्रदूषण ऑनलाइन जांच केन्द्र योजना-2017 के अन्तर्गत प्रथम चरण में जयपुर जिले में 19 अगस्त से वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र केवल ऑनलाइन ही जारी किए जाएंगे। इसके लिए जिले के सभी 151 अधिकृत केन्द्रों को नेटवर्किंग के माध्यम से जोड़ा जा चुका है।
परिवहन मंत्री यूनुस खान ने बताया कि प्रदेश के अधिकृत प्रदूषण जांच केन्द्रों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता एवं एकरूपता के लिए राज्य सरकार ने जांच केन्द्रों को नेटवर्किंग के माध्यम से जोड़ने की घोषणा की थी। इस संबंध में परिवहन विभाग द्वारा राजस्थान इलेक्ट्रॉनिक्स एण्ड इन्स्ट्रूमेन्ट्स लिमिटेड से एग्रीमेंट किया गया है। योजना के द्वितीय चरण में अगले तीन माह में अन्य जिलों में स्थापित करीब 1000 अधिकृत प्रदूषण जांच केन्द्रों को भी नेटवर्किंग के माध्यम से जोड़ दिया जाएगा।
विज्ञापन
यूं होगा सत्यापन, रखी जाएगी नजर
demo pic
- फोटो : demo pic
परिवहन विभाग के प्रमुख शासन सचिव एवं आयुक्त शैलेन्द्र अग्रवाल ने बताया कि अधिकृत ऑनलाइन प्रदूषण जांच केन्द्रों पर नेटवर्किंग के लिए इंटरनेट कनेक्टिविटी, विंडोज युक्त कम्प्यूटर आदि सभी आवश्यकताएं पूरी कर ली गई हैं। वाहन प्रदूषण जांच के बाद जारी प्रमाण पत्र पर वेरीफिकेशन के लिए क्यू.आर.कोड होगा, जिसे स्कैन कर प्रमाण पत्र को सत्यापित किया जा सकेगा।
प्रदूषण जांच केन्द्रों को ऑनलाइन किए जाने के बाद वाहन की प्रदूषण जांच पर सर्वर द्वारा पूर्ण निगरानी रखी जाएगी। ऐसे में प्रदूषण जांच केन्द्र टर्मिनल की तरह काम करेंगे तथा इन केन्द्रों पर अनियमितता की सम्भावना नगण्य होगी। अग्रवाल ने बताया कि पेट्रोल चलित दोपहिया वाहनों के लिए प्रदूषण प्रमाण पत्र की दर 50 रुपए, तिपहिया एवं चौपहिया वाहन के लिए 60 रुपए एवं डीजल वाहन के लिए 100 रुपए निर्धारित की गई है।
प्रदूषण जांच केन्द्रों को ऑनलाइन किए जाने के बाद वाहन की प्रदूषण जांच पर सर्वर द्वारा पूर्ण निगरानी रखी जाएगी। ऐसे में प्रदूषण जांच केन्द्र टर्मिनल की तरह काम करेंगे तथा इन केन्द्रों पर अनियमितता की सम्भावना नगण्य होगी। अग्रवाल ने बताया कि पेट्रोल चलित दोपहिया वाहनों के लिए प्रदूषण प्रमाण पत्र की दर 50 रुपए, तिपहिया एवं चौपहिया वाहन के लिए 60 रुपए एवं डीजल वाहन के लिए 100 रुपए निर्धारित की गई है।