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राजस्थान के इस क्षेत्र में नहीं भटकना पड़ेगा पानी के लिए
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 26 May 2017 05:53 PM IST
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निर्माण कार्य में लगी जेसीबी
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राजस्थान के डांग क्षेत्र में अब जल्द ही पेयजल किल्लत से लोगों को राहत मिलने वाली है। ऐसा यहां मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के तहत बनाए जा रहे परकोलेशन टेंक और तलाई के जरिये होगा। साथ ही, इलाके का भूजल स्तर पर बढ़ेगा।
दरअसल, मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के तहत करौली जिले में जल संकट से निपटने के लिए मिनी परकोलेशन टेंक एवं तलाई का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। इसका फायदा आगामी बारिश के बाद यहां जल एकत्र होने पर लोगों को मिल सकेगा। साथ ही, मवेशी भी बिना पानी के दम नहीं तोड़ेंगे, क्योंकि इन तलाइयों के जरिये मवेशी भी अपनी प्यास बुझा सकेंगे।
जानकारी के अनुसार, करौली जिले के डांग क्षेत्र में बारिश के पानी को सहेजने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। लोगों को दूर—दूराज के इलाकों से पानी लाने की समस्या को देखते हुए यहां मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के द्वितीय चरण के अन्तर्गत कार्य कराए जा रहे हैं। यहां कि पंचायत समिति मंडरायल की 4 ग्राम पंचायतों के 12 गांवों में वर्षा जल संग्रहण हेतु 51 निर्माण कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। इन कार्यों के पूरा होने के बाद कुल 2.77 लाख लीटर शुद्ध पेयजल का संग्रहण संभव हो सकेगा। बताया जा रहा है कि वर्तमान में 25 कार्य पूरे हो चुके हैं और बचे हुए 26 कार्य भी बारिश से पहले पूरे हो जाएंगे। इसके बाद यहां इन टेंकों और तलाई के लिए 12 गावों के लोगों को खेती और पशुओं के लिए फ्लोराइड मुक्त शुद्ध पेयजल मिल सकेगा।
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दरअसल, मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के तहत करौली जिले में जल संकट से निपटने के लिए मिनी परकोलेशन टेंक एवं तलाई का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। इसका फायदा आगामी बारिश के बाद यहां जल एकत्र होने पर लोगों को मिल सकेगा। साथ ही, मवेशी भी बिना पानी के दम नहीं तोड़ेंगे, क्योंकि इन तलाइयों के जरिये मवेशी भी अपनी प्यास बुझा सकेंगे।
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जानकारी के अनुसार, करौली जिले के डांग क्षेत्र में बारिश के पानी को सहेजने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। लोगों को दूर—दूराज के इलाकों से पानी लाने की समस्या को देखते हुए यहां मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के द्वितीय चरण के अन्तर्गत कार्य कराए जा रहे हैं। यहां कि पंचायत समिति मंडरायल की 4 ग्राम पंचायतों के 12 गांवों में वर्षा जल संग्रहण हेतु 51 निर्माण कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। इन कार्यों के पूरा होने के बाद कुल 2.77 लाख लीटर शुद्ध पेयजल का संग्रहण संभव हो सकेगा। बताया जा रहा है कि वर्तमान में 25 कार्य पूरे हो चुके हैं और बचे हुए 26 कार्य भी बारिश से पहले पूरे हो जाएंगे। इसके बाद यहां इन टेंकों और तलाई के लिए 12 गावों के लोगों को खेती और पशुओं के लिए फ्लोराइड मुक्त शुद्ध पेयजल मिल सकेगा।
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