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पार्टी के विधायक ने ही राजे सरकार को दिखाया आईना
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 27 May 2017 05:09 PM IST
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ज्ञानदेव आहूजा
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राजस्थान की भाजपा सरकार को अब उनके ही विधायक आईना दिखा रहे हैं। पहले घनश्याम तिवाड़ी और अब ज्ञान देव आहूजा। आहूजा ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को हाल ही में एक पत्र लिखा। इस पत्र में उन्होंने न सिर्फ सरकार को सलाह दी बल्कि दूसरे राज्यों से सबक लेने के लिए मिसालें भी दे दी।
आहूजा ने तीन मुद्दों को लेकर सीएम को पत्र लिखा। इस पत्र में उन्होंने लिखा कि राजस्थान में बजरी का अवैध खनन हो रहा है। इसे रोकने के लिए सरकार को मध्यप्रदेश सरकार की तरह कदम उठाने चाहिए। उन्होंने लिखा कि एमपी की शिवराज सिंह चौहान सरकार के आदेश के बाद नर्मदा नदी पर पूरी तरह बजरी के खनन पर रोक लगा दी गई है। दूसरी नदियों पर भी मशीन से खनन पर रोक लगाई गई है जबकि राजस्थान में प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है। यहां चम्बल, बनास नदी पर मशीन व सभी तरह के बजरी खनन पर रोक लगाई जा सकती है। गंगा, यमुना व नर्मदा की तर्ज पर ही राजस्थान में भी किसी नदी को लोगों की भावना से जोड़ने के लिए मां का स्वरूप देना चाहिए।
आहूजा ने दूसरी मांग की है कि जिस तरह छत्तीसगढ़ सरकार ने पांच लाख रुपए सालाना वसूली वाले टोल टैक्स बूथ पर टोल खत्म करने के आदेश दिए हैं। इसी तरह राजस्थान में भी एक ही मार्ग पर तीन से चार टोल बूथोंके स्थान पर एक ही टोल बूथ किया जाना चाहए। इसके साथ ही सालाना 50 लाख रुपए तक के टोल बूथों को समाप्त किया जा सकता है।
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आहूजा ने लिखा है कि राज्य में बड़ी संख्या में अवैध रूप से खनन रायल्टी ठेके संचालित हैं। राज्य में ठेकों को समाप्त कर अवैध रॉयल्टी ठेकों को समाप्त किया जा सकता है।
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आहूजा ने तीन मुद्दों को लेकर सीएम को पत्र लिखा। इस पत्र में उन्होंने लिखा कि राजस्थान में बजरी का अवैध खनन हो रहा है। इसे रोकने के लिए सरकार को मध्यप्रदेश सरकार की तरह कदम उठाने चाहिए। उन्होंने लिखा कि एमपी की शिवराज सिंह चौहान सरकार के आदेश के बाद नर्मदा नदी पर पूरी तरह बजरी के खनन पर रोक लगा दी गई है। दूसरी नदियों पर भी मशीन से खनन पर रोक लगाई गई है जबकि राजस्थान में प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है। यहां चम्बल, बनास नदी पर मशीन व सभी तरह के बजरी खनन पर रोक लगाई जा सकती है। गंगा, यमुना व नर्मदा की तर्ज पर ही राजस्थान में भी किसी नदी को लोगों की भावना से जोड़ने के लिए मां का स्वरूप देना चाहिए।
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आहूजा ने दूसरी मांग की है कि जिस तरह छत्तीसगढ़ सरकार ने पांच लाख रुपए सालाना वसूली वाले टोल टैक्स बूथ पर टोल खत्म करने के आदेश दिए हैं। इसी तरह राजस्थान में भी एक ही मार्ग पर तीन से चार टोल बूथोंके स्थान पर एक ही टोल बूथ किया जाना चाहए। इसके साथ ही सालाना 50 लाख रुपए तक के टोल बूथों को समाप्त किया जा सकता है।
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आहूजा ने लिखा है कि राज्य में बड़ी संख्या में अवैध रूप से खनन रायल्टी ठेके संचालित हैं। राज्य में ठेकों को समाप्त कर अवैध रॉयल्टी ठेकों को समाप्त किया जा सकता है।