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सीएम को चुनौती देने निकले तिवाड़ी, पहले पकड़ा और फिर आवास पर छोड़ा
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sun, 25 Jun 2017 01:30 PM IST
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पुलिस के साथ घनश्याम तिवाड़ी
- फोटो : अमर उजाला
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राजस्थान भाजपा के वरिष्ठ नेता और बागी तेवर दिखाने वाले विधायक घनश्याम तिवाड़ी सीएम को चुनौती देने के लिए धरने पर बैठते उससे पहले ही उन्हें हिरासत में ले लिया गया। तिवाड़ी अकेले एकात्म सत्याग्रह करने निकले थे। उनका पहले स्वतंत्रता सेनानी के रूप में सम्मान किया गया, उसके बाद वे एकात्म सत्याग्रह पर रवाना हुआ। वे पैदल ही सीएम हाउस के लिए रवाना हुए।
वे सीएम हाउस तक पहुंचते उससे पहले ही उन्हें हिरासत में ले लिया गया। सोडाला पहुंचने के बाद पुलिस ने उन्हें आगे जाने से मना किया, लेकिन तिवाड़ी आगे जाने पर अड़ गए। इसके बाद पुलिस ने उन्हें वहां से हिरासत में ले लिया और जालूपुरा स्थित उनके आवास पर छोड़ दिया।
गौरतलब है कि तिवाड़ी ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर निशाना साधते हुए पिछले दिनों कहा था कि सिविल लाइन्स स्थित बंगला नं. 13 खाली कर दें, अन्यथा इसके बाद दीनदयाल वाहिनी के द्वारा प्रदेशभर में एकात्म सत्याग्रह किया जाएगा। इसके लिए तिवाड़ी को परमिशन नहीं मिल पाई थी।
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एक दिन पहले ही तिवाड़ी के बेटे अखिलेश तिवाड़ी ने भी सरकार पर आरोप लगाए थे और कहा था कि प्रशासन द्वारा 25 जून को घनश्याम तिवाड़ी द्वारा किए जा रहे एकात्म सत्याग्रह को अनुमति ना दिए जाना अलोकतांत्रिक है। उन्होंने इसे अघोषित आपातकाल की संज्ञा दी।
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वे सीएम हाउस तक पहुंचते उससे पहले ही उन्हें हिरासत में ले लिया गया। सोडाला पहुंचने के बाद पुलिस ने उन्हें आगे जाने से मना किया, लेकिन तिवाड़ी आगे जाने पर अड़ गए। इसके बाद पुलिस ने उन्हें वहां से हिरासत में ले लिया और जालूपुरा स्थित उनके आवास पर छोड़ दिया।
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गौरतलब है कि तिवाड़ी ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर निशाना साधते हुए पिछले दिनों कहा था कि सिविल लाइन्स स्थित बंगला नं. 13 खाली कर दें, अन्यथा इसके बाद दीनदयाल वाहिनी के द्वारा प्रदेशभर में एकात्म सत्याग्रह किया जाएगा। इसके लिए तिवाड़ी को परमिशन नहीं मिल पाई थी।
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एक दिन पहले ही तिवाड़ी के बेटे अखिलेश तिवाड़ी ने भी सरकार पर आरोप लगाए थे और कहा था कि प्रशासन द्वारा 25 जून को घनश्याम तिवाड़ी द्वारा किए जा रहे एकात्म सत्याग्रह को अनुमति ना दिए जाना अलोकतांत्रिक है। उन्होंने इसे अघोषित आपातकाल की संज्ञा दी।