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एक झूठ छिपाने के लिए कई झूठ बोले, फिर हुआ ये

Wed, 09 Aug 2017 06:49 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Wed, 09 Aug 2017 06:49 PM IST
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Medical Store's license aborted
डेमो पिक
कहते हैं कि एक झूठ को छिपाने के लिए सौ झूठ बोलने पड़ते हैं। ऐसा ही एक मामला आज सामने आया। यहां नकली दवाएं बेचने के आरोप से बचने के लिए फर्जी बिल और बैंक स्टेटमेंट औषधि विभाग को प्रस्तुत कर दिए गए। जिसके बाद विभाग ने मेडिकल स्टोर संचालक और उसकी दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया।
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सहायक औषधि नियंत्रक ईश्वर यादव ने बताया कि गत फरवरी माह में अजमेर में हरीश मेडिकल स्टोर पर छापा मारा गया था। जिसमें तीन दवाइयां नकली होना प्रतीत हुई। इस पर संचालक हरीश को नोटिस दिया गया और बिल प्रस्तुत करने को कहा गया। हरीश ने जो बिल प्रस्तुत किए उसमें एक बिल दिल्ली और एक बिल गुजरात का था। जब इनकी पुष्टि की गई तो ये बिल फर्जी पाए गए। हरीश को पेमेण्ट ट्रांसफर का रिकाॅर्ड मांगा गया तो उसने निजी बैंक का स्टेटमेंट शो किया। जिसके बारे में पूछताछ करने पर मैनेजर ने फर्जी स्टेटमेंट होने की जानकारी दी।
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इसके बाद क्लाॅक टावर थाना पुलिस को सूचित कर आज लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की गई। साथ ही, फर्जीवाड़ा करने की रिपोर्ट भी पुलिस को दी गई। उधर, कार्रवाई से गुस्साए हरीश ने मीडियाकर्मियों से भी बदसलूकी की।
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