{"_id":"59577b724f1c1b472e8b461f","slug":"marble-businessman-on-indefinite-strike-against-gst","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीएसटी विरोधः मार्बल व्यवसायी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीएसटी विरोधः मार्बल व्यवसायी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 01 Jul 2017 04:13 PM IST
विज्ञापन
डेमो इमेज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जीएसटी लागू होने से पहले से ही 28 फीसदी कर का विरोध कर रहे मार्बल व्यवसायी संगठन आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। नाराज मार्बल व्यापारियों ने अपने कारोबार पर ताले लगा दिए।
जानकारी के अनुसार, राजस्थान प्रदेश में मार्बल व्यापारियों के कारोबार पर ताला लगाने से पचास हजार करोड़ का कारोबार ठप हो गया। इनके समर्थन में पड़ोसी राज्य गुजरात के मार्बल व्यापारी भी हड़ताल पर आ गए हैं।
माना जा रहा है कि इससे सरकारी खजाने में रॉयल्टी से आने वाला राजस्व भी रुक गया है। उदयपुर में मार्बल एसोसिएशन अध्यक्ष तेजेंद्र सिंह रोबिन ने कहा कि मार्बल व्यवसायी अनिश्तिकालीन हड़ताल पर उतर गए हैं। उदयपुर में सभी गैंगसा इकाइयां बंद है। उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया है।
विज्ञापन
पूरे राजस्थान में इस बिजनेस में पचास हजार करोड़ का इनवेस्टमेंट है। उनका यह भी कहना है कि व्यापारियों की हड़ताल से दिहाड़ी मजदूर पर संकट खड़ा हो गया है। गरीब के घर का चूल्हा कैसे जलेगा इसकी चिन्ता सरकार को नहीं है।
उन्होंने सरकार से मांग कि वे मार्बल व्यवसाय को बचाने के लिए व्यवस्थित प्रयास करे वरना यह खत्म हो जाएगा।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, राजस्थान प्रदेश में मार्बल व्यापारियों के कारोबार पर ताला लगाने से पचास हजार करोड़ का कारोबार ठप हो गया। इनके समर्थन में पड़ोसी राज्य गुजरात के मार्बल व्यापारी भी हड़ताल पर आ गए हैं।
विज्ञापन
माना जा रहा है कि इससे सरकारी खजाने में रॉयल्टी से आने वाला राजस्व भी रुक गया है। उदयपुर में मार्बल एसोसिएशन अध्यक्ष तेजेंद्र सिंह रोबिन ने कहा कि मार्बल व्यवसायी अनिश्तिकालीन हड़ताल पर उतर गए हैं। उदयपुर में सभी गैंगसा इकाइयां बंद है। उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया है।
विज्ञापन
पूरे राजस्थान में इस बिजनेस में पचास हजार करोड़ का इनवेस्टमेंट है। उनका यह भी कहना है कि व्यापारियों की हड़ताल से दिहाड़ी मजदूर पर संकट खड़ा हो गया है। गरीब के घर का चूल्हा कैसे जलेगा इसकी चिन्ता सरकार को नहीं है।
उन्होंने सरकार से मांग कि वे मार्बल व्यवसाय को बचाने के लिए व्यवस्थित प्रयास करे वरना यह खत्म हो जाएगा।