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देश में पहली बार जयपुर में होगी हथिनी की मोतियाबिंद की सर्जरी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 26 May 2017 04:14 PM IST
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- फोटो : Demo Pic
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देश में पहली बार हाथी का मोतियाबिंद का ऑपरेशन जयपुर में जल्द ही किया जाएगा। इसके लिए तैयारियां की जा रही है। मेडिकल टीम गठित कर दी गई है। यह टीम रिपोर्ट देगी तब ऑपरेशन होगा।
दरअसल, जयपुर की 44 साल की हथिनी 'लक्ष्मी' की आंख में मोतियाबिंद की शिकायत पिछले कुछ समय से है। इसका इलाज भी चल रहा है। अब उसकी इस परेशानी को पूरी तरह से सही करने के लिए सर्जरी की तैयारी की जा रही है। माना जा रहा है कि यह सर्जरी देश की पहली सर्जरी होगी, जिसमें किसी हथिनी की आंख से मोतियाबिंद सही किया जा सकेगा। अपनी तरह के इस पहले ऑपरेशन को लेकर मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक की तरफ से पहल की जा रही है। इसके लिए हथिनी मालिक की रजामंदी जरूरी है।
हथिनी मालिक अब्दुल अजीज ने इस बारे में कहा कि लक्ष्मी का ईलाज चल रहा है। डॉक्टरों को दिखा रहा है, दवाई भी दे रहे हैं। हमारी तरफ से ऑपरेशन में कोई दिक्कत नहीं है बस ये हमारे घर की सदस्य जैसी है। किसी भी तरह की परेशानी न हो बस यही डर लगता है। हमारे कहने पर विभाग ने एक मेडिकल टीम बना दी है। उसकी रिपोर्ट के आधार पर ही सब होगा।
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उधर, विभाग ने मामले में मेडिकल बोर्ड के गठन की तैयारी कर ली है और आने वाले कुछ दिनों में नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के वन्यजीवों के अस्पताल में उसकी सर्जरी की जाएगी। हथिनी मालिक से लेकर विभाग के अधिकारी कर्मचारियों की यही दुआएं हैं कि यह सर्जरी सफलता पूर्वक हो जाए। जिससे न केवल लक्ष्मी की आंखों को फिर से भरपूर रोशनी मिले बल्कि एक इतिहास भी बने।
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दरअसल, जयपुर की 44 साल की हथिनी 'लक्ष्मी' की आंख में मोतियाबिंद की शिकायत पिछले कुछ समय से है। इसका इलाज भी चल रहा है। अब उसकी इस परेशानी को पूरी तरह से सही करने के लिए सर्जरी की तैयारी की जा रही है। माना जा रहा है कि यह सर्जरी देश की पहली सर्जरी होगी, जिसमें किसी हथिनी की आंख से मोतियाबिंद सही किया जा सकेगा। अपनी तरह के इस पहले ऑपरेशन को लेकर मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक की तरफ से पहल की जा रही है। इसके लिए हथिनी मालिक की रजामंदी जरूरी है।
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हथिनी मालिक अब्दुल अजीज ने इस बारे में कहा कि लक्ष्मी का ईलाज चल रहा है। डॉक्टरों को दिखा रहा है, दवाई भी दे रहे हैं। हमारी तरफ से ऑपरेशन में कोई दिक्कत नहीं है बस ये हमारे घर की सदस्य जैसी है। किसी भी तरह की परेशानी न हो बस यही डर लगता है। हमारे कहने पर विभाग ने एक मेडिकल टीम बना दी है। उसकी रिपोर्ट के आधार पर ही सब होगा।
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उधर, विभाग ने मामले में मेडिकल बोर्ड के गठन की तैयारी कर ली है और आने वाले कुछ दिनों में नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के वन्यजीवों के अस्पताल में उसकी सर्जरी की जाएगी। हथिनी मालिक से लेकर विभाग के अधिकारी कर्मचारियों की यही दुआएं हैं कि यह सर्जरी सफलता पूर्वक हो जाए। जिससे न केवल लक्ष्मी की आंखों को फिर से भरपूर रोशनी मिले बल्कि एक इतिहास भी बने।