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राजस्थान में गायों के लिए बनेगा चारा बैंक, लीज पर दी जाएंगी गोचर भूमि
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 29 May 2017 06:48 PM IST
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गोपालन विभाग के अधिकारियों की बैठक लेते गोपालन मंत्री अजय सिंह किलक
- फोटो : amar ujala
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प्रदेश में गायों के चारे के लिए अलग से चारा बैंक विकसित किए जाने की योजना तैयार की जा रही है। इसके तहत गोचर भूमि को चारा उगाने लायक बनाया जाएगा। सरकार का मानना है कि एेसा करने से गायों के लिए चारे की पर्याप्त व्यवस्था हो जाएगी।
गोपालन मंत्री अजय सिंह किलक ने सोमवार को कहा कि गौशालाओं की गायों के लिए गोचर भूमि पर चारा बैंक विकसित करने की योजना तैयार की जा रही है जिसके प्रारम्भ में उन्हीं गौशालाओं को शामिल किया जाएगा, जो आर्थिक रूप से सशक्त हैं। ऐसी गौशालाओं को ग्राम पंचायत के माध्यम से 2 से 5 वर्ष तक के लिए चारा उगाने के लिए गोचर भूमि लीज पर दिए जाने का विचार किया जा रहा है। गोपालन मंत्री के अनुसार प्रदेश के हर जिले में विधानसभावार एक-एक गौशाला का चयन कर आत्मनिर्भरता की ओर ले जाया जाएगा। इस पर उन्होंने विस्तृत रूप से योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
किसानों की आय बढ़ाने में मिलेगी मदद
किलक ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने में डेयरी महत्वपूर्ण साधन है और इसके माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की किसानों की आय दुगनी करने की मंशा को अमलीजामा पहनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन एवं संकलन से जुड़ी महिलाओं को विशेष प्रोत्साहन दिया जाए।
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गोपालन मंत्री ने कहा कि दूध से जुड़े कार्य में लगी महिलाओं को प्रोत्साहन के रूप में फैट पर एक से दो रुपये अतिरिक्त दिए जाए एवं नई महिला दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के गठन पर सपोर्ट के रूप में उन्हें प्रारम्भ में आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। इसके लिए उन्होंने प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों को भी डेयरी व्यवसाय से जोड़ा जाए तथा उन्हें कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध करा कर पशु खरीद एवं डेयरी व्यवसाय के कार्य के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
किलक ने कहा कि गाय के दूध के उत्पादन को बढ़ाने के लिए अलग से काऊ मिल्क स्टोरेज सेंटर खोला जाए। इसके लिए ऐसे जिलाें का चयन किया जाए, जिसमें आसानी से बहुधा मात्रा में गाय का दूध संकलित हो जाए। उन्होंने कहा कि ए2 मिल्क को बढ़ावा देने के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाएगी।
भरतपुर धौलपुर में मिल्क कलैक्शन बढ़ाने पर दिया जाएगा जोर
गोपालन मंत्री के अनुसार राजस्थान के जो भी मिल्क यूनियन अच्छी स्थिति में नहीं है, उन्हें उबारा जाएगा और इसके लिए आरसीडीएफ द्वारा फायदे में चल रहे नजदीकी दुग्ध संघ के साथ संयुक्त गठजोड़ किया जाएगा तथा सरकार के स्तर से भी इसके लिए सहायता लेने के प्रयास होंगे। किलक ने कहा कि भरतपुर एवं धौलपुर क्षेत्र में मिल्क कलैक्शन बढ़ाने पर जोर दिया जाए।
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गोपालन मंत्री अजय सिंह किलक ने सोमवार को कहा कि गौशालाओं की गायों के लिए गोचर भूमि पर चारा बैंक विकसित करने की योजना तैयार की जा रही है जिसके प्रारम्भ में उन्हीं गौशालाओं को शामिल किया जाएगा, जो आर्थिक रूप से सशक्त हैं। ऐसी गौशालाओं को ग्राम पंचायत के माध्यम से 2 से 5 वर्ष तक के लिए चारा उगाने के लिए गोचर भूमि लीज पर दिए जाने का विचार किया जा रहा है। गोपालन मंत्री के अनुसार प्रदेश के हर जिले में विधानसभावार एक-एक गौशाला का चयन कर आत्मनिर्भरता की ओर ले जाया जाएगा। इस पर उन्होंने विस्तृत रूप से योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
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किसानों की आय बढ़ाने में मिलेगी मदद
किलक ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने में डेयरी महत्वपूर्ण साधन है और इसके माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की किसानों की आय दुगनी करने की मंशा को अमलीजामा पहनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन एवं संकलन से जुड़ी महिलाओं को विशेष प्रोत्साहन दिया जाए।
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गोपालन मंत्री ने कहा कि दूध से जुड़े कार्य में लगी महिलाओं को प्रोत्साहन के रूप में फैट पर एक से दो रुपये अतिरिक्त दिए जाए एवं नई महिला दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के गठन पर सपोर्ट के रूप में उन्हें प्रारम्भ में आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। इसके लिए उन्होंने प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों को भी डेयरी व्यवसाय से जोड़ा जाए तथा उन्हें कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध करा कर पशु खरीद एवं डेयरी व्यवसाय के कार्य के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
किलक ने कहा कि गाय के दूध के उत्पादन को बढ़ाने के लिए अलग से काऊ मिल्क स्टोरेज सेंटर खोला जाए। इसके लिए ऐसे जिलाें का चयन किया जाए, जिसमें आसानी से बहुधा मात्रा में गाय का दूध संकलित हो जाए। उन्होंने कहा कि ए2 मिल्क को बढ़ावा देने के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाएगी।
भरतपुर धौलपुर में मिल्क कलैक्शन बढ़ाने पर दिया जाएगा जोर
गोपालन मंत्री के अनुसार राजस्थान के जो भी मिल्क यूनियन अच्छी स्थिति में नहीं है, उन्हें उबारा जाएगा और इसके लिए आरसीडीएफ द्वारा फायदे में चल रहे नजदीकी दुग्ध संघ के साथ संयुक्त गठजोड़ किया जाएगा तथा सरकार के स्तर से भी इसके लिए सहायता लेने के प्रयास होंगे। किलक ने कहा कि भरतपुर एवं धौलपुर क्षेत्र में मिल्क कलैक्शन बढ़ाने पर जोर दिया जाए।