{"_id":"59b10b544f1c1be47f8b4a74","slug":"farmers-closed-market-in-alwar","type":"story","status":"publish","title_hn":"इस शहर में गलियां हो गईं सूनी, दुकानें रहीं बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इस शहर में गलियां हो गईं सूनी, दुकानें रहीं बंद
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 07 Sep 2017 02:52 PM IST
विज्ञापन
सीकर में बंद बाजार
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने और किसानों के कर्जे माफ करवाने के लिए अखिल भारतीय किसान सभा के आंदोलन ने आज व्यापक रूप ले लिया। मांगों के समर्थन में जिला मुख्यालय व कस्बों में बाजार बंद रहे।
पूरा मामला राजस्थान के सीकर का है। यहां पिछले कई दिनों से किसानों ने अपनी मांगों को लेकर महापड़ाव डाल रखा है। आज किसान सभा की ओर से सीकर बंद का आह्वान किया गया। इसके चलते जिले भर में व्यापक असर रहा। सीकर शहर, लक्ष्मणगढ़, रानोली, पलसाना, रींगस, नीमकाथाना, खंडेला सहित सभी प्रमुख कस्बों में बंद सफल रहा। बंद के दौरान आवश्यक सेवाओं को बंद से अलग रखा गया था, लेकिन बंद को व्यापार महासंघ, जिला बार एसोसिएशन सहित दर्जन भर से ज्यादा संगठनों ने समर्थन दिया था।
उधर, बंद के चलते लोगो को परेशानी का सामना भी करना पड़ा। वहीं, जिले भर में बंद को देखते हुए जिला प्रशासन ने भी सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए। किसान नेता अमराराम ने सरकार को शाम चार बजे तक का वार्ता के लिए समय दिया है। इसके बाद किसान बड़ी सभा करके निर्णय लेंगे और सभा मे ही आगे की रणनीति का खुलासा करेंगे।
विज्ञापन
इससे पहले बीती देर रात अपनी मांगों को लेकर कृषि उपज मंडी से हजारों किसानों ने मशाल जुलूस निकाला।
विज्ञापन
पूरा मामला राजस्थान के सीकर का है। यहां पिछले कई दिनों से किसानों ने अपनी मांगों को लेकर महापड़ाव डाल रखा है। आज किसान सभा की ओर से सीकर बंद का आह्वान किया गया। इसके चलते जिले भर में व्यापक असर रहा। सीकर शहर, लक्ष्मणगढ़, रानोली, पलसाना, रींगस, नीमकाथाना, खंडेला सहित सभी प्रमुख कस्बों में बंद सफल रहा। बंद के दौरान आवश्यक सेवाओं को बंद से अलग रखा गया था, लेकिन बंद को व्यापार महासंघ, जिला बार एसोसिएशन सहित दर्जन भर से ज्यादा संगठनों ने समर्थन दिया था।
विज्ञापन
उधर, बंद के चलते लोगो को परेशानी का सामना भी करना पड़ा। वहीं, जिले भर में बंद को देखते हुए जिला प्रशासन ने भी सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए। किसान नेता अमराराम ने सरकार को शाम चार बजे तक का वार्ता के लिए समय दिया है। इसके बाद किसान बड़ी सभा करके निर्णय लेंगे और सभा मे ही आगे की रणनीति का खुलासा करेंगे।
विज्ञापन
इससे पहले बीती देर रात अपनी मांगों को लेकर कृषि उपज मंडी से हजारों किसानों ने मशाल जुलूस निकाला।