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अजमेर: शिक्षा राज्य मंत्री ने ली प्रधानाचार्यों की क्लास, दिए टिप्स
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 10 Jun 2017 07:30 PM IST
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vasudev devnani
- फोटो : demo pic
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शिक्षकों को स्वयं के व्यवहार और कर्म से विद्यार्थियों को शिक्षा एवं संदेश देने चाहिए। इस प्रकार की शिक्षा विद्यार्थी के जीवन में स्थायी सकारात्मक परिवर्तन लाती है। यह बात शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने शनिवार को केन्द्रीय बालिका विद्यालय में 6 जिलों के प्रधानाचार्यों के 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में कही।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से तृतीय चरण में घोषित 6 जिलों के आदर्श विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के लीडरशिप प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया। प्रधानाचार्य को अच्छे प्रशासक के साथ-साथ ज्ञानवान होना भी आवश्यक है। उसका विद्यालय के प्रति समर्पण तथा उसे सर्वश्रेष्ठ बनाने का भाव भी होना चाहिए। विद्यालय के कार्यों के प्रति प्रतिबद्धता एव सम्र्पण भाव से टीम का नई ऊर्जा एवं प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष राजकीय विद्यालयों का परीक्षा परिणाम बेहतर रहा है। गत तीन वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी ने आवासीय शिविर में प्रधानाचार्यों के साथ भोजन किया। शिविर के प्रतिभागियों के साथ बातचीत में विद्यालय की समस्याओं के बारे में चर्चा की । शिविर में जालोर, टोंक, भीलवाड़ा, सिरोही, नागौर एवं पाली के 53 प्रधानाचार्य भाग ले रहे है। यह शिविर 8 जून से आरम्भ हुआ था और 17 जून तक चलेगा।
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उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से तृतीय चरण में घोषित 6 जिलों के आदर्श विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के लीडरशिप प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया। प्रधानाचार्य को अच्छे प्रशासक के साथ-साथ ज्ञानवान होना भी आवश्यक है। उसका विद्यालय के प्रति समर्पण तथा उसे सर्वश्रेष्ठ बनाने का भाव भी होना चाहिए। विद्यालय के कार्यों के प्रति प्रतिबद्धता एव सम्र्पण भाव से टीम का नई ऊर्जा एवं प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष राजकीय विद्यालयों का परीक्षा परिणाम बेहतर रहा है। गत तीन वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
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शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी ने आवासीय शिविर में प्रधानाचार्यों के साथ भोजन किया। शिविर के प्रतिभागियों के साथ बातचीत में विद्यालय की समस्याओं के बारे में चर्चा की । शिविर में जालोर, टोंक, भीलवाड़ा, सिरोही, नागौर एवं पाली के 53 प्रधानाचार्य भाग ले रहे है। यह शिविर 8 जून से आरम्भ हुआ था और 17 जून तक चलेगा।
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