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टाइगर हिल विवाद: बालाजी की पूजा करने से रोकने पर बवाल, पथराव के जवाब में लाठीचार्ज
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 01 Jan 2018 05:33 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : Internet
बालाजी के मंदिर में पूजा—अर्चना करने से रोकने के विरोध में हिंदू संगठनों ने आज जमकर विरोध प्रदर्शन किया। आक्रोशित लोगों ने पुलिस पर पथराव किया जिसके जवाब में पुलिस ने भी प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया।
इससे मामला तनावपूर्ण हो गया। घटना राजस्थान के बूंदी जिले की है। यहां टाइगर हिल पर मानधाता की छतरी में बालाजी की पूजा को लेकर विवाद चल रहा है। आज यहां हिंदू संगठनों ने पूजा की घोषणा की थी। उधर, दूसरे पक्ष के विरोध को देखते हुए प्रशासन ने यहां धारा 144 लागू करते हुए इंटरनेट सेवा बंद करवा रखी थी।
अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, आज सुबह से ही हिंदू संगठनों से जुड़े लोग मालनवासी बालाजी मंदिर के पास जमा होने लगे। ये लोग जब पूजा के लिए आगे बढ़ने लगे तो पुलिस ने इन्हें रोका। इस दौरान पथराव शुरू हो गया और फिर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।
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इससे मामला तनावपूर्ण हो गया। घटना राजस्थान के बूंदी जिले की है। यहां टाइगर हिल पर मानधाता की छतरी में बालाजी की पूजा को लेकर विवाद चल रहा है। आज यहां हिंदू संगठनों ने पूजा की घोषणा की थी। उधर, दूसरे पक्ष के विरोध को देखते हुए प्रशासन ने यहां धारा 144 लागू करते हुए इंटरनेट सेवा बंद करवा रखी थी।
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अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, आज सुबह से ही हिंदू संगठनों से जुड़े लोग मालनवासी बालाजी मंदिर के पास जमा होने लगे। ये लोग जब पूजा के लिए आगे बढ़ने लगे तो पुलिस ने इन्हें रोका। इस दौरान पथराव शुरू हो गया और फिर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।
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आक्रोश बढ़ा और फिर जाम लगाया
पहले से मौजूद पुलिस बल
- फोटो : File photo
इसके बाद लाठीचार्ज के विरोध में रैली में शामिल प्रदर्शनकारियों ने बाजार में मुख्य रोड पर जाम लगा दिया। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। इससे बूंदी में माहौल तनावपूर्ण बन गया। मामला गरमाने पर कलक्टर शिवांगी स्वर्णकार और कोटा रेंज आईजी विशाल बंसल ने स्थिति संभाली। वे लगातार बूंदी के सामाजिक संगठनों से संपर्क कर समझाईश कर मामले को शांत करवाने में जुटे रहे।
जानकारी के अनुसार इस रैली में काफी संख्या में साधु-संत और युवा शामिल हुए। इस रैली को व्यापारियों ने भी समर्थन दिया था। इससे बाजार पहले से ही बंद थे। गौरतलब है कि मानदाता छतरी पर हनुमान प्रतिमा की पूजा अर्चना करने के आव्हान पर अनेक प्रकार की टिप्पणियां व अफवाह फैलाए जाने की आशंका से कानून व्यवस्था की स्थिति एवं सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने के प्रयास हुए थे।
जानकारी के अनुसार इस रैली में काफी संख्या में साधु-संत और युवा शामिल हुए। इस रैली को व्यापारियों ने भी समर्थन दिया था। इससे बाजार पहले से ही बंद थे। गौरतलब है कि मानदाता छतरी पर हनुमान प्रतिमा की पूजा अर्चना करने के आव्हान पर अनेक प्रकार की टिप्पणियां व अफवाह फैलाए जाने की आशंका से कानून व्यवस्था की स्थिति एवं सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने के प्रयास हुए थे।
अब उठ रहा है ये सवाल
social media ban
- फोटो : Demo pic
माहौल बिगड़ने की आशंका पुलिस और प्रशासन को पहले से ही थी। इसके चलते जयपुर और आसपास के जिलों से अतिरिक्त फोर्स बुलाकर तैनात की गई।
बूंदी जिला कलेक्टर शिवांगी स्वर्णकार ने लोक शांति एवं लोक सुरक्षा बनाए रखने के लिए बूंदी जिले में 29 दिसंबर को रात 8 बजे से अग्रिम आदेश तक धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा व इंटरनेट बंदी लागू कर दी थी, लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि धारा 144 लागू होने के बावजूद हजारों की संख्या में भीड़ इकट्ठा कैसे होकर मालनवासी बालाजी मंदिर पहुंची।
बूंदी जिला कलेक्टर शिवांगी स्वर्णकार ने लोक शांति एवं लोक सुरक्षा बनाए रखने के लिए बूंदी जिले में 29 दिसंबर को रात 8 बजे से अग्रिम आदेश तक धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा व इंटरनेट बंदी लागू कर दी थी, लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि धारा 144 लागू होने के बावजूद हजारों की संख्या में भीड़ इकट्ठा कैसे होकर मालनवासी बालाजी मंदिर पहुंची।