फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   rajasthan jaipur vidyadhar nagar tragedy garg family showed anger on investigation team

जयपुर अग्निकांड: गुस्साए परिजन बोले- घर नहीं सिस्टम की जांच करो, कमेटी को लौटाया बैरंग

Thu, 18 Jan 2018 03:18 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर 
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर  Updated Thu, 18 Jan 2018 03:18 PM IST
विज्ञापन
rajasthan jaipur vidyadhar nagar tragedy garg family showed anger on investigation team
विस्फोट से खाक हुआ कमरा - फोटो : Vishnu Sharma
लपटों के बीच फटे गैस सिलेंडर और प्रशासनिक लापरवाही ने घर में सो रहे एक परिवार के पांच सदस्यों को मौत की नींद सुला दिया था। शहर को हिला देने वाली इस घटना के बाद परिजनों का गुस्सा अब तक फूट रहा है।
विज्ञापन


दरअसल, मकर संक्रांति से एक दिन पहले विद्याधर नगर के सेक्टर 9 स्थित मकान में हुए भीषण अग्निकांड में पांच लोगों की मौत हो गई थी। इसी घटना की जांच करने घटनास्थल पर पहुंची जयपुर नगर निगम की एक संयुक्त कमेटी को आज विरोध का सामान करना पड़ा। मृतकों के रिश्तेदार व परिजनों ने जांच कमेटी में शामिल अफसरों को खरीखोटी सुनाई और उन्हें घर में नहीं घुसने दिया। इससे उन्हें उल्टे पैर लौटना पड़ा।
विज्ञापन


जानकारी के अनुसार नगर निगम के अतिरिक्त कमिश्नर हरसहाय मीणा, उपायुक्त फायर शिप्रा शर्मा, विद्याधर नगर उपायुक्त कविता चौधरी, उपायुक्त सीएफओ अजमेर जगदीश प्रसाद फुलवारी समेत जांच कमेटी में शामिल अधिकारी आज विद्याधर नगर में सेक्टर 9 निवासी लोहा व्यापारी संजीव गर्ग के घर हादसे की जांच करने पहुंचे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

खरी-खोटी सुनाते हुए कहा कि अब यहां क्या जांच करने आए हो

rajasthan jaipur vidyadhar nagar tragedy garg family showed anger on investigation team
हादसे के वक्त घर के बाहर इकट्ठा भीड़ - फोटो : Amar Ujala
टीम के आने की सूचना पर घर में मौजूद संजीव गर्ग के परिजन ​गेट पर खड़े हो गए। इनमें एक-दो बुजुर्ग रिश्तेदारों व परिजनों ने जांच कमेटी में शामिल अधिकारियों को घर में नहीं घुसने दिया।

उन्होंने खरी-खोटी सुनाते हुए कहा कि अब यहां क्या जांच करने आए हो। यहां तो सब जलकर मर गए। अब क्या करोगे यहां। जांच ही करनी है तो अपने सिस्टम की करो। अपने लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों और खराब संसाधनों की करो। जिनकी देरी और लापरवाही की वजह से हमारे घर के निर्दोष सदस्यों की मौत हो गई।

गौरतलब है कि लोहा कारोबारी संजीव गर्ग के मकान में 13 जनवरी की अलसुबह 4 बजे शार्ट सर्किट के बाद घरेलू गैस सिलेंडर में विस्फोट हो गया था।

 

दादा और चार भाई-बहनों की हुई थी दर्दनाक मौत

rajasthan jaipur vidyadhar nagar tragedy garg family showed anger on investigation team
मदद को आगे आए पड़ोसी - फोटो : demo pic
हादसे में संजीव के पिता महेन्द्र गर्ग (75), बेटी अर्पिता (22), अपूर्वा (20), बेटा अनिमेष (18) व भांजा शौर्य (20) की मौत हो गई थी। इनमें अनिमेष और शौर्य की बंद कमरे में दम घुटने से मौत हुई थी, जबकि दादा और दोनों पोतियांं जिंदा जल गई थी। यह आग दो मंजिला मकान के निचले हिस्से में लगी थी।

आगजनी के बीच पड़ोसियों और स्थानीय लोगों ने घर में मौजूद लोगों के चीख-पुकार मचाने पर उन्हें बचाने का भी प्रयास किया था। आग इतनी विकराल थी ​कि मदद के सभी प्रयास बेकार हो गए। वहीं स्थानीय लोगों का आरोप है कि दमकल की गाड़ियां मौके पर करीब डेढ़ घंटे देर से पहुंची।

फायर ब्रिगेडकर्मी दमकल की सीढ़ियां भी नहीं खोल सके। जिससे हादसा बड़ा हो गया। मामले में 3 फायरकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। ज​बकि कार्यवाहक सीएफओ जलज घसिया और एक अन्य अधिकारी को नोटिस सौंपा गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed