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बच्चों की हत्या के आरोपी तांत्रिक की गिरफ्तारी नहीं होने पर हाईकोर्ट गंभीर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 27 Nov 2017 04:03 PM IST
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- फोटो : Internet
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दो बच्चों की हत्या के आरोपी तांत्रिक और अन्य के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। बच्चों की हत्या अलवर जिले के पहल गांव में मई 2015 में हुई थी।
हाईाकेर्ट ने अलवर एसपी को निर्देश दिए हैं कि वह तांत्रिक व अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रभावी कार्रवाई करें। अदालत ने जरुरत पड़ने पर स्पेशल टीम गठित कर हर पन्द्रह दिन में प्रगति रिपोर्ट अधीनस्थ अदालत में पेश करने को कहा है।
न्यायाधीश महेन्द्र माहेश्वरी की एकलपीठ ने यह आदेश मृतक बच्चों के पिता भीम कुमार की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता ने 20 मई 2015 को दोनों बच्चों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वहीं 24 मई को दोनों बच्चों की लाश गांव के एक खंडहर में मिली।
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पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को पकड़ा और उनकी शिनाख्त पर बच्चों के कपड़े व अन्य साक्ष्य बरामद की। याचिका में कहा गया कि तीनों आरोपियों ने तांत्रिक इकबाल व अन्य लोगों की मिलीभगत भी बताई, लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार नहीं किया।
पुलिस ने जांच लंबित रखते हुए तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र भी पेश कर दिया। याचिका में कहा गया कि मामला मानव अंगों की तस्करी का हो सकता है और पूर्व में भी कुछ बच्चे लापता हुए थे, लेकिन पुलिस ने इस पर ध्यान नहीं दिया। यहां तक की मृतकों का सही पोस्टमार्टम तक नहीं कराया। याचिका में गुहार की गई की प्रकरण की जांच सीबीआई या एसओजी से कराई जाए।
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हाईाकेर्ट ने अलवर एसपी को निर्देश दिए हैं कि वह तांत्रिक व अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रभावी कार्रवाई करें। अदालत ने जरुरत पड़ने पर स्पेशल टीम गठित कर हर पन्द्रह दिन में प्रगति रिपोर्ट अधीनस्थ अदालत में पेश करने को कहा है।
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न्यायाधीश महेन्द्र माहेश्वरी की एकलपीठ ने यह आदेश मृतक बच्चों के पिता भीम कुमार की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता ने 20 मई 2015 को दोनों बच्चों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वहीं 24 मई को दोनों बच्चों की लाश गांव के एक खंडहर में मिली।
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पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को पकड़ा और उनकी शिनाख्त पर बच्चों के कपड़े व अन्य साक्ष्य बरामद की। याचिका में कहा गया कि तीनों आरोपियों ने तांत्रिक इकबाल व अन्य लोगों की मिलीभगत भी बताई, लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार नहीं किया।
पुलिस ने जांच लंबित रखते हुए तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र भी पेश कर दिया। याचिका में कहा गया कि मामला मानव अंगों की तस्करी का हो सकता है और पूर्व में भी कुछ बच्चे लापता हुए थे, लेकिन पुलिस ने इस पर ध्यान नहीं दिया। यहां तक की मृतकों का सही पोस्टमार्टम तक नहीं कराया। याचिका में गुहार की गई की प्रकरण की जांच सीबीआई या एसओजी से कराई जाए।