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तालाब के किनारे पर जूते खोलकर लिख गया एक खत और फिर मच गया हड़कम्प
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 18 Jan 2018 05:48 PM IST
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शव तलाशते गोताखोर
- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश की धार्मिक नगरी में एक बुजुर्ग आज तालाब किनारे पहुंचा। यहां उसने जूते खोले और एक खत लिखकर छोड़ दिया। इसके बाद उसने तालाब में छलांग लगा दी।
मामला राजस्थान की धार्मिक नगरी के नाम से प्रसिद्ध अजमेर से जुड़ा है। यहां एक वृद्ध ने लम्बी बीमारी से परेशान होकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
नसीराबाद सिटी थानाप्रभारी कृष्ण कुमार ने बताया कि बस स्टैंड के पीछे स्थित तालाब में वृद्ध का लिखा हुआ सुसाइड नोट मिलने की सूचना मिली। इसके बाद तुरंत मय जाप्ता मौके पर पहुंचे तो नसीराबाद निवासी 60 वर्षीय पृथ्वीराज डाबी का लिखा सुसाइड नोट और जूते तालाब किनारे मिले। सुसाइड नोट में लिखा था कि बीमारी से परेशान होकर वह मौत को गले लगा रहा है। उसकी मौत के लिए वह स्वयं ही जिम्मेदार है।
इसके बाद तालाब में शव की तलाश करवाई गई, लेकिन जब शव नहीं मिला तो एसडीआरएफ की टीम को सूचना दी गई। एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और शव को तलाशने का काम शुरू किया। कई घंटों की मशक्कत के बाद पृथ्वीराज डाबी का शव तालाब से बाहर निकाला जा सका। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
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मामला राजस्थान की धार्मिक नगरी के नाम से प्रसिद्ध अजमेर से जुड़ा है। यहां एक वृद्ध ने लम्बी बीमारी से परेशान होकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
नसीराबाद सिटी थानाप्रभारी कृष्ण कुमार ने बताया कि बस स्टैंड के पीछे स्थित तालाब में वृद्ध का लिखा हुआ सुसाइड नोट मिलने की सूचना मिली। इसके बाद तुरंत मय जाप्ता मौके पर पहुंचे तो नसीराबाद निवासी 60 वर्षीय पृथ्वीराज डाबी का लिखा सुसाइड नोट और जूते तालाब किनारे मिले। सुसाइड नोट में लिखा था कि बीमारी से परेशान होकर वह मौत को गले लगा रहा है। उसकी मौत के लिए वह स्वयं ही जिम्मेदार है।
इसके बाद तालाब में शव की तलाश करवाई गई, लेकिन जब शव नहीं मिला तो एसडीआरएफ की टीम को सूचना दी गई। एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और शव को तलाशने का काम शुरू किया। कई घंटों की मशक्कत के बाद पृथ्वीराज डाबी का शव तालाब से बाहर निकाला जा सका। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
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