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सेना भर्ती मामला: गिरफ्तार आर्मी आॅफिसर कोर्ट में पेश, 10 दिन के रिमांड पर भेजा
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 08 Jun 2017 06:15 PM IST
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- फोटो : Demo pic
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बेरोजगार युवकों को 100 प्रतिशत गारंटी के साथ सेना में भर्ती करवाने का आश्वासन देकर मोटी रकम वसूल करने के मामले में गिरोह का खुलासा होने के बाद एटीएस राजस्थान ने बुधवार रात को बड़ी कार्रवाई कर आर्मी के लेफ्टिनेंट कर्नल जगजीत पुरी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें गुरुवार को एटीएस की टीम ने सीजेएम कोर्ट में पेश किया। जहां से आरोपी पुरी को कोर्ट ने 10 दिन के रिमांड पर भेज दिया।
एडीजी एटीएस उमेश मिश्रा ने बताया कि गिरफ्तार जगजीत पुरी से जब्त मोबाइल की एफएसएल जांच करवाई जाएगी। कॉल डिटेल के आधार पर अनुसंधान किया जाना बाकी है। ऐसे में कोर्ट ने दस दिन का रिमांड दे दिया। आरोपी जगजीत मूल रुप से उत्तरप्रदेश के रहने वाले है। यहां जोधपुर में सेना के मेडिकल कोर में तैनात है साथ ही वह जयपुर, जोधपुर, सीकर, अलवर, झुंझनू, सवाईमाधोपुर में हो रही सेना भर्तियों में मेडिकल बोर्ड के सदस्य है। इसके पहले आरोपी पुरी दिल्ली व बरेली में तैनात रह चुके है।
एडीजी उमेश मिश्रा के मुताबिक गिरोह के अन्य आरोपी जयपुर निवासी लेफ्टिनेंट कर्नल जगजीत पुरी से सांठगांठ कर अभ्यर्थियों को मेडिकल में फिट करवाने का काम करते थे। इसकी एवज में पुरी को उनके हिस्से का कमीशन देते थे।
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एटीएस एसपी विकास कुमार के निर्देशन में गठित टीम ने पिछले माह 23 मई को इस गिरोह का खुलासा किया था। इनमें जयपुर— जोधपुर से चार आरोपी अर्जुन सिंह निवासी नोखा, बीकानेर के अलावा मुरलीपुरा निवासी नंद सिंह राठौड़, बैनाड़ रोड निवासी महेन्द्र सिंह व सुनील व्यास को गिरफ्तार किया था। इनमें मुरलीपुरा निवासी आरोपी नंदसिंह राठौड़ के घर से 1.79 करोड़ रु. बरामद किए थे।
एटीएस की जांच में सामने आया था कि गिरफ्तार सुनील व्यास और नंदसिंह ने जयपुर में आर्मी भर्ती के लिए ट्रेनिंग सेंटर खोल रखे थे। उनसे पूछताछ के दौरान लेफ्टिनेंट कर्नल जगजीत पुरी की भूमिका सामने आई। तब बुधवार को पूछताछ के लिए जगजीत पुरी को जयपुर बुलाया। गिरोह से मिलीभगत कर रुपए लेने की बात सामने आई तब देर रात लेफ्टिनेंट कर्नल पुरी को गिरफ्तार कर लिया।
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एडीजी एटीएस उमेश मिश्रा ने बताया कि गिरफ्तार जगजीत पुरी से जब्त मोबाइल की एफएसएल जांच करवाई जाएगी। कॉल डिटेल के आधार पर अनुसंधान किया जाना बाकी है। ऐसे में कोर्ट ने दस दिन का रिमांड दे दिया। आरोपी जगजीत मूल रुप से उत्तरप्रदेश के रहने वाले है। यहां जोधपुर में सेना के मेडिकल कोर में तैनात है साथ ही वह जयपुर, जोधपुर, सीकर, अलवर, झुंझनू, सवाईमाधोपुर में हो रही सेना भर्तियों में मेडिकल बोर्ड के सदस्य है। इसके पहले आरोपी पुरी दिल्ली व बरेली में तैनात रह चुके है।
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एडीजी उमेश मिश्रा के मुताबिक गिरोह के अन्य आरोपी जयपुर निवासी लेफ्टिनेंट कर्नल जगजीत पुरी से सांठगांठ कर अभ्यर्थियों को मेडिकल में फिट करवाने का काम करते थे। इसकी एवज में पुरी को उनके हिस्से का कमीशन देते थे।
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एटीएस एसपी विकास कुमार के निर्देशन में गठित टीम ने पिछले माह 23 मई को इस गिरोह का खुलासा किया था। इनमें जयपुर— जोधपुर से चार आरोपी अर्जुन सिंह निवासी नोखा, बीकानेर के अलावा मुरलीपुरा निवासी नंद सिंह राठौड़, बैनाड़ रोड निवासी महेन्द्र सिंह व सुनील व्यास को गिरफ्तार किया था। इनमें मुरलीपुरा निवासी आरोपी नंदसिंह राठौड़ के घर से 1.79 करोड़ रु. बरामद किए थे।
एटीएस की जांच में सामने आया था कि गिरफ्तार सुनील व्यास और नंदसिंह ने जयपुर में आर्मी भर्ती के लिए ट्रेनिंग सेंटर खोल रखे थे। उनसे पूछताछ के दौरान लेफ्टिनेंट कर्नल जगजीत पुरी की भूमिका सामने आई। तब बुधवार को पूछताछ के लिए जगजीत पुरी को जयपुर बुलाया। गिरोह से मिलीभगत कर रुपए लेने की बात सामने आई तब देर रात लेफ्टिनेंट कर्नल पुरी को गिरफ्तार कर लिया।