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13 साल पहले किया था करोड़ों का घोटाला, ऐसे आई पकड़ में
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 31 Aug 2017 06:36 PM IST
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपित
- फोटो : amar ujala
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पहले एक कंपनी बनाई और फिर कंप्यूटर वर्क देने के नाम पर बेरोजगारों से करोड़ों रुपए ले लिए। इसके बाद रोजगार तो दिया नहीं बल्कि रुपए लेकर फरार हो गई।
मामाल कोटा के गुमानपुरा थाना पुलिस से जुड़ा है। पुलिस ने साल 2003 में कोटा, बारां, जयपुर और नोएडा में कम्प्यूटर वर्क का रोजगार देने के बहाने करोड़ो रुपए की ठगी कर फरार हुई महिला को पकड़ लिया है। करीब 13 साल तक फरारी काटने के बाद बुजुर्ग महिला उषा दाधिच को कोटा की गुमानपुरा थाना पुलिस ने अहमदाबाद से गिरफ्तार किया। थानाधिकारी विजय शंकर शर्मा ने बताया कि आरोपी उषा दाधिच और उसके पति प्रहलाद बिहारी व इनके 17 सहयोगियों ने मिलकर कोटा के शॉपिंग सेंटर सहित बारां, जयपुर और नोएडा में एनएलएनसी कंपनी खोली और रोजगार देने के नाम पर सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपए ठगे।
कंपनी करीब दो साल तक चली। इसके बाद आरोपी महिला उषा अपने पति प्रहलाद और साथियों के साथ फरार हो गया। उषा का पति और कुछ साथी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। पुलिस को उषा की तलाश पिछले 13 साल से थी और इस पर 3 हजार का इनाम भी पुलिस ने घोषित कर रखा था।
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मामाल कोटा के गुमानपुरा थाना पुलिस से जुड़ा है। पुलिस ने साल 2003 में कोटा, बारां, जयपुर और नोएडा में कम्प्यूटर वर्क का रोजगार देने के बहाने करोड़ो रुपए की ठगी कर फरार हुई महिला को पकड़ लिया है। करीब 13 साल तक फरारी काटने के बाद बुजुर्ग महिला उषा दाधिच को कोटा की गुमानपुरा थाना पुलिस ने अहमदाबाद से गिरफ्तार किया। थानाधिकारी विजय शंकर शर्मा ने बताया कि आरोपी उषा दाधिच और उसके पति प्रहलाद बिहारी व इनके 17 सहयोगियों ने मिलकर कोटा के शॉपिंग सेंटर सहित बारां, जयपुर और नोएडा में एनएलएनसी कंपनी खोली और रोजगार देने के नाम पर सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपए ठगे।
कंपनी करीब दो साल तक चली। इसके बाद आरोपी महिला उषा अपने पति प्रहलाद और साथियों के साथ फरार हो गया। उषा का पति और कुछ साथी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। पुलिस को उषा की तलाश पिछले 13 साल से थी और इस पर 3 हजार का इनाम भी पुलिस ने घोषित कर रखा था।
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