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सभापति पर भ्रष्टाचार के आरोप, नगर परिषद में हंगामा
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 26 May 2017 01:44 PM IST
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हंगामा करते पार्षद
- फोटो : amar ujala
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अलवर नगर परिषद में शुक्रवार को पार्षदों ने सभापति पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। ये आरोप सफाई व्यवस्था को लेकर लगाए गए।
दरअसल, नगर परिषद सभागार में शुक्रवार को सफाई के मुद्दे को लेकर बैठक आयोजित की गई। नगर परिषद सभापति अशोक खन्ना की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में एडीएम सिटी महेंद्र मीणा सहित सभी पार्षद मौजूद रहे। बैठक में सामने आया कि दो माह पूर्व नए ठेकेदार को सफाई का ठेका दिया गया था। जिसके बाद वार्डों में सफाई व्यवस्था चरमरा गई। जिसको लेकर विपक्ष ने सभापति पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और साधारण सभा की बैठक नहीं किए जाने पर आक्रोश व्यक्त किया।
इसी दौरान उस समय सभी पार्षद अचंभित रह गए जब सभापति ने घोषणा की कि नया ठेकेदार रातों-रात अलवर छोड़कर फरार हो गया। जिस पर सदन में 2 घंटे तक हंगाम हुआ। इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा के सभी पार्षद एकजुट नजर आए और नए ठेकेदार की नियुक्ति पर सभापति अशोक खन्ना पर सवाल दागे। पार्षदों का कहना था कि यदि उसी समय छानबीन कर नए ठेकेदार को नियुक्त किया जाता तो आज यह दिन नहीं देखना पड़ता।
फिलहाल चर्चा है कि पुराने ठेकेदार को फिर से नियुक्ति दी जाए या फिर नए ठेकेदार के लिए निविदाएं निकाली जाए। नेता प्रतिपक्ष नरेंद्र मीणा का आरोप है कि सभापति द्वारा मामले में लीपापोती की गई जिसके कारण वार्ड में सफाई व्यवस्था नहीं होने से लोगों में भारी रोष है।
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दरअसल, नगर परिषद सभागार में शुक्रवार को सफाई के मुद्दे को लेकर बैठक आयोजित की गई। नगर परिषद सभापति अशोक खन्ना की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में एडीएम सिटी महेंद्र मीणा सहित सभी पार्षद मौजूद रहे। बैठक में सामने आया कि दो माह पूर्व नए ठेकेदार को सफाई का ठेका दिया गया था। जिसके बाद वार्डों में सफाई व्यवस्था चरमरा गई। जिसको लेकर विपक्ष ने सभापति पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और साधारण सभा की बैठक नहीं किए जाने पर आक्रोश व्यक्त किया।
इसी दौरान उस समय सभी पार्षद अचंभित रह गए जब सभापति ने घोषणा की कि नया ठेकेदार रातों-रात अलवर छोड़कर फरार हो गया। जिस पर सदन में 2 घंटे तक हंगाम हुआ। इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा के सभी पार्षद एकजुट नजर आए और नए ठेकेदार की नियुक्ति पर सभापति अशोक खन्ना पर सवाल दागे। पार्षदों का कहना था कि यदि उसी समय छानबीन कर नए ठेकेदार को नियुक्त किया जाता तो आज यह दिन नहीं देखना पड़ता।
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फिलहाल चर्चा है कि पुराने ठेकेदार को फिर से नियुक्ति दी जाए या फिर नए ठेकेदार के लिए निविदाएं निकाली जाए। नेता प्रतिपक्ष नरेंद्र मीणा का आरोप है कि सभापति द्वारा मामले में लीपापोती की गई जिसके कारण वार्ड में सफाई व्यवस्था नहीं होने से लोगों में भारी रोष है।
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