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गैस गोदाम और पेट्रोल पंप पर लागू होंगे केन्द्र सरकार के नियम
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 05 Jun 2017 07:51 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा है कि गैस गोदाम और पेट्रोल पंप का संचालन राजस्थान पेट्रोलियम उत्पाद(लाइसेंसिंग व नियत्रंण) नियम, 1990 के तहत नियंत्रित किया जा रहा है। जबकि केन्द्र सरकार इस संबंध में वर्ष 2000 में कानून बना चुकी है। ऐसे में केन्द्र के नियम के प्रभावी होने के चलते 1990 के राज्य सरकार के नियम लागू नहीं हो सकते हैं। इसके साथ ही अदालत ने गैस गोदाम और पेट्रोल पंप को हाल ही में मुख्यपीठ की ओर से मास्टर प्लान के संबंध में दिए आदेश के तहत स्थापित करने को कहा है।
न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश तेज इंटरप्राइजेज व अन्य की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिकाओं में कहा गया कि केन्द्र सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत राज्य सरकार को पेट्रोलियम पदार्थों के नियम बनाने की शक्तियां दी थी। जिसके चलते राज्य सरकार ने 1990 में नियम बनाकर गैस एजेन्सी और पेट्रोल पंप के लिए लाइसेंस की अनिवार्यता कर दी।
वहीं केन्द्र सरकार ने सन् 2000 में एक आदेश जारी कर पेट्रोलियम पदार्थो के लिए दिशा-निर्देश जारी किए। इस नियम के उपनियम 14 के तहत प्रावधान किया गया कि ये नियम राज्य नियमों पर प्रभावी रहेंगे। याचिका में कहा गया कि इसके बावजूद भी डीएसओ गैस एजेन्सियों और पेट्रोल पंपों को लाइसेंस देने और उसका नवीनीकरण का काम 1990 के नियमों से ही किया जा रहा है। ऐसे में 1990 के नियम के अप्रभावी होने के कारण डीएसओ को लाइसेंस देने का अधिकार नहीं है। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने केन्द्र सरकार के सन् 2000 के नियमों के तहत पेट्रोल पंप व गैस गोदाम का संचालन करने के आदेश दिए हैं।
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न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश तेज इंटरप्राइजेज व अन्य की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिकाओं में कहा गया कि केन्द्र सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत राज्य सरकार को पेट्रोलियम पदार्थों के नियम बनाने की शक्तियां दी थी। जिसके चलते राज्य सरकार ने 1990 में नियम बनाकर गैस एजेन्सी और पेट्रोल पंप के लिए लाइसेंस की अनिवार्यता कर दी।
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वहीं केन्द्र सरकार ने सन् 2000 में एक आदेश जारी कर पेट्रोलियम पदार्थो के लिए दिशा-निर्देश जारी किए। इस नियम के उपनियम 14 के तहत प्रावधान किया गया कि ये नियम राज्य नियमों पर प्रभावी रहेंगे। याचिका में कहा गया कि इसके बावजूद भी डीएसओ गैस एजेन्सियों और पेट्रोल पंपों को लाइसेंस देने और उसका नवीनीकरण का काम 1990 के नियमों से ही किया जा रहा है। ऐसे में 1990 के नियम के अप्रभावी होने के कारण डीएसओ को लाइसेंस देने का अधिकार नहीं है। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने केन्द्र सरकार के सन् 2000 के नियमों के तहत पेट्रोल पंप व गैस गोदाम का संचालन करने के आदेश दिए हैं।
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