एडीजी को गिरफ्तार करने पहुंचा एक एसएचओ ! और फिर....
आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय यह पुलिस का एक अटल संदेश है। जो गाहे-बगाहे पुलिस कार्यक्रमों में सुनने का मिल जाता है। लेकिन राजस्थान में पुलिस अधिकारियों को एक-दूसरे पर ही विश्वास नहीं है तो आमजन उनमें क्या विश्वास करेगा। यहां के एक एडीजी इंदूभूषण ने अपनी ही अधिकारियों पर उन्हें गिरफ्तार करवाने का आरोप लगाया है।
एडीजी के अनुसार शास्त्रीनगर थाने के एसएचओ चार वर्ष पुराने एक मामूली मारपीट के मामले का हवाला देकर उन्हें गिरफ्तार करने आए थे। लेकिन उन्हें इसकी भनक लग गई थी और वे अपने आवास से निकल गए। उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों पर साजिश का आरोप लगाया है और कहा है कि जिस मामले में उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे है उसमें इतने वर्ष बाद गिरफ्तारी या चालान हो ही नहीं सकता।
विवादों में रहे है आईपीएस इंदुभूषण
जबकि शास्त्रीनगर थाने के इंचार्ज महावीर प्रसाद का कहना है कि वे एडीजी को गिरफ्तार करने नहीं अपितु दीवाली मिलन के लिए गए थे। गौरतलब है कि एडीजी इंदूभषण राज्य के आईपीएस अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर चर्चा में आए थे। जानकारी के अनुसार एडीजी इंदुभूषण ने सूचना के अधिकार के तहत वरिष्ठ अधिकारियों की संपत्ति का ब्यौरा एकत्रित किया है।
जिसकी जानकारी उन्होंने प्रधानमंत्री व गृहमंत्री को भेजी है। एडीजी का आरोप है कि इस सूचना के मिलने के बाद उनके खिलाफ साजिश की जा रही है। पुलिस के अधिकारियों के इस प्रकार खुले में विवाद सामने आने के बाद राज्य में कानून की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।