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विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस: 13 लाख गंभीर मानसिक रोगी, बढ़ रहे हैं आत्महत्या के मामले

Tue, 10 Oct 2017 12:58 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Tue, 10 Oct 2017 12:58 PM IST
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5 crore people in India suffer from depression according to this  report
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विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 10 अक्टूबर को मनाया जाता है। इस आयोजन को देखते हुए मानसिक रोगियों के संबंध में आंकड़े जारी किए गए हैं। देश में तकरीबन पांच करोड़ लोग अवसाद से ग्रसित है। जबकि राजस्थान में करीब 13 लाख लोग गंभीर मानसिक रोगों से ग्रसित है।
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इसकी वजह से आत्महत्याओं के मामले भी बढ़ रहे है। एनसीआरबी (राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो) की 2015 की रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान में वर्ष 2014 में प्रतिदिन 12 व्यक्तियों ने आत्महत्या की जबकि पूरे वर्ष भर में 4459 लोगों ने आत्महत्या की। यह आंकड़ा पिछले सालों के मुकाबले अधिक है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सर्वे के अनुसार देश में चिकित्सा व्यवसाय से जुड़े 80 प्रतिशत से अधिक डॉक्टर तनाव से ग्रसित रहते है वहीं निजी सेवा क्षेत्र में काम करने वाले 50 प्रतिशत से अधिक लोग स्थाई तनाव से ग्रसित रहते है। 
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आंकड़े यह भी बताते है कि भारत में होने वाली कुल आत्महत्याओं में से 7.4 प्रतिशत आत्महत्या करने वाले व्यवसायिक लोग ही होते हैं। विश्व स्वास्थ्य मानसिक फैडरेशन के अनुसार कार्यस्थल काम के तनाव के कारण बहुत से लोग मानसिक तनाव से जूझ रहे है। प्रत्येक 5 वयस्कों में से एक मानसिक समस्याओं का शिकार है। 
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फैमिली लाइफ पर भी पड़ रहा है असर

5 crore people in India suffer from depression according to this  report
Student Suicide
मानसिक स्वास्थ्य के लिए कार्य करने वाले संगठन आरोग्यसिद्धि फाउंडेशन के प्रतिनिधि भूपेश दीक्षित के अनुसार, तनाव की मुख्य वजह प्रतिस्पर्धा, मानसिक प्रताड़ना, शारीरिक शोषण प्रमुख है। यहीं वजह है कि कार्यस्थल पर व्यक्ति के लिए तनाव बढ़ रहा है। इसका असर उसकी फैमिली लाइफ पर भी पड़ रहा है। 

वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ.लालचंद ढाका ने बताया कि गंभीर मानसिक अवसाद के रोगियों की संख्या कुल जनसंख्या की 2 प्रतिशत है जबकि साधारण मानसिक तनाव से ग्रसित 20 से 30 प्रतिशत लोग रहते हैं।  
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