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44 साल बाद झील लबालब, मंत्री ने ओढ़ाई झील को डेढ़ किमी. लम्बी चुनरी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 06 Oct 2017 05:04 PM IST
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पूजा अर्चना करती मंत्री किरण माहेश्वरी
- फोटो : amar ujala
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झीलों की नगरी के नाम से विश्व विख्यात आज इस शहर में रौनक अलग ही दिखी। मौका था यहां की राजसमंद झील के लबालब होने के उपलक्ष्य में हुए आयोजन का। बताया जा रहा है कि यह झील 44 साल बाद पानी से लबालब हुई है।
झीलों की नगरी के नाम से प्रसिद्ध राजस्थान का उदयपुर जिला आज खुशियां मना रहा था। इसका कारण यहां की प्रसिद्ध राजसमंद झील के 44 साल बाद पानी से लबालब होना। इस झील के लबालब होने के लिए प्रदेश की उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने मन्नत मांगी थी, जो पूरी हो गई। अपनी इसी श्रद्धा के चलते मंत्री ने आज राजसमंद झील पर पूरे विधि-विधान से पूजा अर्चना कर करीब डेढ़ किलोमीटर लम्बी चुनरी ओढ़ाई। द्वारिकाधीश मंदिर के जलधरा घाट से इरिगेशन गार्डन तक डेढ़ किलोमीटर लंबी चुनरी झील को ओढ़ाई गई। यह चुनरी 335 साड़ियों को जोड़कर बनाई गई है। इस चुनरी को बाद में प्रसाद स्वरूप महिलाओं को वितरित किया जाएगा। इस मौके पर मंत्री का पूरा परिवार भी इस आयोजन में शामिल हुआ।
पति सत्यनारायण माहेश्वरी के साथ मंत्री ने मथुरा से आए पंडितों की अगुवाई में सभी धार्मिक अनुष्ठान किए। इस दौरान यहां जल-झील-जलधारा पूजन के साथ गोमती मैया के जयकारे भी खूब लगे। गौरतलब है कि राजसमंद झील गोमती नदी पर ही बनी है।
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झीलों की नगरी के नाम से प्रसिद्ध राजस्थान का उदयपुर जिला आज खुशियां मना रहा था। इसका कारण यहां की प्रसिद्ध राजसमंद झील के 44 साल बाद पानी से लबालब होना। इस झील के लबालब होने के लिए प्रदेश की उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने मन्नत मांगी थी, जो पूरी हो गई। अपनी इसी श्रद्धा के चलते मंत्री ने आज राजसमंद झील पर पूरे विधि-विधान से पूजा अर्चना कर करीब डेढ़ किलोमीटर लम्बी चुनरी ओढ़ाई। द्वारिकाधीश मंदिर के जलधरा घाट से इरिगेशन गार्डन तक डेढ़ किलोमीटर लंबी चुनरी झील को ओढ़ाई गई। यह चुनरी 335 साड़ियों को जोड़कर बनाई गई है। इस चुनरी को बाद में प्रसाद स्वरूप महिलाओं को वितरित किया जाएगा। इस मौके पर मंत्री का पूरा परिवार भी इस आयोजन में शामिल हुआ।
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पति सत्यनारायण माहेश्वरी के साथ मंत्री ने मथुरा से आए पंडितों की अगुवाई में सभी धार्मिक अनुष्ठान किए। इस दौरान यहां जल-झील-जलधारा पूजन के साथ गोमती मैया के जयकारे भी खूब लगे। गौरतलब है कि राजसमंद झील गोमती नदी पर ही बनी है।
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अब मंत्री की शुरू हुई पदयात्रा
झील को ओढ़ाई गई चूंदड़ी
- फोटो : amar ujala
राजसमंद झील 44 साल बाद छलकी है। मंत्री किरण माहेश्वरी ने झील छलकने के लिए मन्नत मांगी थी कि वे कांकरोली से चारभुजा तक पदयात्रा करेंगी। इसी क्रम में राज्य की उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने कांकरोली स्थित द्वारिकाधीश मंदिर से चारभुजानाथ तक पदयात्रा शुरू की है। शनिवार तक पूरी होने वाली इस पदयात्रा में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, भाजपा कार्यकर्ता, राज्य सरकार के मंत्री, राजनीतिक पदाधिकारी और अन्य कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए हैं। इस पदयात्रा को संकल्प सिद्धि पदयात्रा का नाम दिया गया है।
पदयात्रा से पहले द्वारिकाधीश मंदिर चौक पर मंत्री किरण माहेश्वरी ने आमसभा को संबोधित किया। किरण माहेश्वरी ने कहा कि ऐसी उत्सवी परंपरा बनी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अब प्रभु द्वारकाधीश और चारभुजानाथ से प्रार्थना करेंगे कि राजसमंद झील हमेशा भरी रहे।
कार्यक्रम में कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी, पंचायती राज मंत्री राजेन्द्र सिंह राठौड़, जल संसाधन मंत्री रामप्रताप सिंह, संसदीय सचिव कालूलाल गुर्जर, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी सहित अन्य कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
पदयात्रा से पहले द्वारिकाधीश मंदिर चौक पर मंत्री किरण माहेश्वरी ने आमसभा को संबोधित किया। किरण माहेश्वरी ने कहा कि ऐसी उत्सवी परंपरा बनी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अब प्रभु द्वारकाधीश और चारभुजानाथ से प्रार्थना करेंगे कि राजसमंद झील हमेशा भरी रहे।
कार्यक्रम में कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी, पंचायती राज मंत्री राजेन्द्र सिंह राठौड़, जल संसाधन मंत्री रामप्रताप सिंह, संसदीय सचिव कालूलाल गुर्जर, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी सहित अन्य कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए।