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जम्मू कश्मीर में 15 फरवरी से होंगे पंचायत चुनाव
अमर उजाला ब्यूरो / जम्मू
Updated Tue, 26 Dec 2017 08:43 AM IST
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सीएम महबूबा मुफ्ती
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रियासत में पंचायत चुनाव बजट सत्र समाप्त होते ही 15 फरवरी से शुरू होंगे। सरकार के इस फैसले की जानकारी मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को राज्यपाल एनएन वोहरा से मिलकर दी। लगभग डेढ़ साल के विलंब से चुनाव हो रहे हैं। इससे पहले 2011 में चुनाव हुए थे। पंचायतों का कार्यकाल जुलाई 2016 में समाप्त हो गया था। राज्यपाल की ओर से लगातार सरकार पर चुनाव के लिए दबाव बनाया जा रहा था। गत नवंबर महीने में उन्होंने जल्द से जल्द पंचायत चुनाव कराने के लिए आर्डिनेंस जारी किया था, जिसके तहत मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पंचायतों के परिसीमन का अधिकार दिया था।
नई व्यवस्था में केवल पंचों के ही चुनाव होंगे। पंच ही सरपंच के चुनाव करेंगे। इसके पहले पंच तथा सरपंच दोनों पदों के लिए चुनाव होते थे। 2011 की जनगणना के आधार पर एससी, एसटी, ओबीसी तथा जनरल श्रेणी में सीटों के आरक्षण की कार्रवाई पूरी की गई है। सरकार के फैसले की जानकारी होते ही विभिन्न राजनीतिक दलों में सरगर्मियां बढ़ गई है। हालांकि, सभी दल कुछ महीने पहले से ही कार्यकर्ताओं के बीच बैठकें सम्मेलन कर चुनाव की तैयारियां कर रहे थे। पंचायत चुनाव कई चरणों में होंगे।
पढ़ें- कश्मीर के खिलाफ माहौल बना रहा है नेशनल मीडिया: महबूबा मुफ्ती
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कुल पंचायतें 4500, कुल वोटर 57 लाख
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नई व्यवस्था में केवल पंचों के ही चुनाव होंगे। पंच ही सरपंच के चुनाव करेंगे। इसके पहले पंच तथा सरपंच दोनों पदों के लिए चुनाव होते थे। 2011 की जनगणना के आधार पर एससी, एसटी, ओबीसी तथा जनरल श्रेणी में सीटों के आरक्षण की कार्रवाई पूरी की गई है। सरकार के फैसले की जानकारी होते ही विभिन्न राजनीतिक दलों में सरगर्मियां बढ़ गई है। हालांकि, सभी दल कुछ महीने पहले से ही कार्यकर्ताओं के बीच बैठकें सम्मेलन कर चुनाव की तैयारियां कर रहे थे। पंचायत चुनाव कई चरणों में होंगे।
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प्रत्याशियों की सुरक्षा होगी अहम चुनौती
गुजरात चुनाव
पंचायत चुनाव कराने में प्रत्याशियों की सुरक्षा अहम चुनौती होगी। आतंकी संगठनों की ओर से घाटी में लगातार नेताओं-कार्यकर्ताओं को राजनीति से तौबा करने के लिए धमकी दी जा रही है। आतंकियों ने 15 सरपंचों की हत्या कर दी है। साथ ही दो दर्जन से अधिक सरपंचों पर हमले किए हैं। आल जम्मू-कश्मीर पंचायत कांफ्रेंस ने गत 30 नवंबर को कहा था कि यदि पीडीपी-भाजपा सरकार सुरक्षा मुहैया कराए तो वह चुनाव लड़ने को तैयार हैं।